बैतूल,जिला मुख्यालय बैतूल सहित जिले के बड़े इलाके में बारिश एवं ओलावृष्टि का सिलसिला जारी है। सोमवार शाम को जिला मुख्यालय बैतूल में हुई झमाझम बारिश एवं ओलावृष्टि ने जहां शहर को तरबतर कर दिया वहीं मौसम में ठंडक घुल गई। भैंसदेही तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत धामनगांव के राजनी ग्राम में बेर एवं आवला के आकार के ओले गिरने से आधा सैकड़ा मकानों की कवेलू की छत को नुकसान पहुंचाया। बारिश-ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी तथा कटाई कर रखी गेहूं, चना, मसूर की फसलों को जबरदस्त नुकसान हो रहा है।
तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ओलावृष्टि
बैतूल जिले के विभिन्न इलाकों में दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदल गया। शाम होते ही तेज हवाओं बादलों की गरज और बिजली की चमक के साथ झमाझम बारिश और कहीं-कहीं ओले भी बरसे। जिला मुख्यालय बैतूल में शाम साढ़े पांच बजे से तेज बारिश शुरू हो गई। इस दौरान चने के आकार के ओले भी गिरे बारिश का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
आठनेर सहित आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। जबकि चिल्कापुर, धामनगांव एवं आसपास के ग्रामों में सायं 4 बजे से बारिश के साथ कुछ देर के लिए ओलावृष्टि भी हुई। धामनगांव ग्राम पंचायत के राजनी ग्राम में बेर एवं आंवले के आकार के ओलो गिरने से जहां फसलों को जबरदस्त नुकसान हुआ वहीं आधा सैकड़ा मकानों की छतों के कवेलू फूट गए। इधर भीमपुर सहित आसपास के लगभग दो दर्जन ग्रामों में सायं 6 बजे से आंधी तूफान बादलों की गरज एवं बिजल की चमक के साथ मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, हल्की बारिश का सिलसिला समाचार लिखे जाने तक जारी था। चांदू घोड़ाडोंगरी सहित अन्य इलाकों में भी बारिश होने की खबर है।
चौपट हो गई फसलें
लगातार दो दिनों से हो रही बारिश एवं ओलावृष्टि से गेहूं, चना, मसूर सहित सब्जी फसलों को जबरदस्त नुकसान का अनुमान है। तेज हवा, बारिश एवं ओले गिरने से जहा खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई वहीं खेतों में काटकर रखी गेहूं, चना, मसूर की फसल गीली हो गई। कृषि विज्ञान केन्द्र बैतूल बाजार के प्रमुख डॉ. व्हीके वर्मा के मुताबिक बारिश ओलावृष्टि को फसलों को जबरदस्त नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि बारिश से जहां गेहूं की चमक फीकी पड़ जायेगी साथ ही यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो गेहूं, चना अंकुरित भी हो सकता है।
बैतूल में आंवले के आकार के ओले गिरे, मकानों की छते उडी