पटना,कोरोना से निपटने के लिए जारी लॉकडाउन के बीच बिहार में एक नई मुसीबत दस्तक दे रही है। बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट एंसिफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से एक बच्चे की मौत हो गई है। स्थानीय भाषा में इसे चमकी बुखार कहते हैं। मुजफ्फरपुर के श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) में आदित्य कुमार नाम के बच्चे का इलाज चल रहा था। एसकेएमसीएच के पेडियाट्रिक डिपार्टमेंट के अध्यक्ष गोपाल शंकर साहनी ने कहा कि बच्चा कुछ समय से सर्दी से पीड़ित था और हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल लाया गया था। एसकेएमसीएच में पिछले साल इस बुखार का प्रकोप देखने को मिला था। अकेले इस अस्पताल में 120 बच्चों की मौत इस बीमारी की वजह से हुई थी। पूरे बिहार में इस बीमारी की वजह से 200 बच्चों की मौत हुई थी। पीड़ित बच्चा मुजफ्फरपुर जिले के सकड़ा ब्लॉक का रहने वाला था। डॉक्टरों ने कहा कि जब उसे अस्पताल में लाया गया तब तक उसकी हालत बिगड़ चुकी थी। इस बीच इसी अस्पताल में चमकी बुखार से पीड़ित 5 साल की एक दूसरी बच्ची का इलाज चल रहा है।
डॉ गोपाल साहनी का कहना कि बच्ची की हालत में सुधार हो रहा है। बिहार में चमकी बुखार का दोबारा प्रकोप शुरू होने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चिंता जताई है। उन्होंने डॉक्टरों को मेडिकल क्षेत्र से जुड़ी सभी तैयारियां करने को कहा है। एसकेएमसीएच में बच्चों से जुड़ी ऐसी बीमारियों के इलाज के लिए 100 बेड का पेडियाट्रिक आईसीयू बन रहा है। सीएम नीतीश कुमार ने अधिकारियों को कहा कि इस अस्पताल का निर्माण जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
कोरोना के खौफ के बीच बिहार में 1 बच्चे की मौत के साथ चमकी बुखार की दस्तक