केजरीवाल ने अपने मंत्रियों के बीच किया विभागों का बंटवारा, सीएम ने नहीं रखा अपने पास कोई विभाग

नई दिल्ली, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कैबिनेट बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया। केजरीवाल अपने पास कोई भी विभाग नहीं रखेंगे। सत्येंद्र कुमार जैन को दिल्ली जल बोर्ड का विभाग दिया है। अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री के तौर पर पदभार संभाला है। दिल्ली सचिवालय में उनके मंत्रिमंडल के सदस्य मनीष सिसोदिया, सत्येन्द्र जैन, राजेन्द्र पाल गौतम, इमरान हुसैन, कैलाश गहलोत और गोपाल राय ने भी दिल्ली सचिवालय में पदभार संभाला। गहलोत ने पदभार ग्रहण करने के बाद कहा कि गारंटी कार्ड में उल्लेखित बिंदुओं को पूरा करना प्राथमिकता होगी। राय ने कहा कि गारंटी कार्ड और चुनाव घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करना नई सरकार की प्राथमिकता होगी। चुनाव प्रचार अभियान के दौरान केजरीवाल ने एक गारंट कार्ड जारी किया था जिसमें विद्यार्थियों के लिए मुफ्त बस सेवाएं और 24 घंटे जलापूर्ति का वादा किया गया था।
पहले दिल्ली जलबोर्ड की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पास थी। गोपाल राय को पर्यावरण मंत्रालय सौंपा है, जबकि इससे पहले कैलाश गहलोत के पास यह जिम्मेदारी थी। कुल मिलाकर 3 विभागों में मामूली बदलाव किए हैं। इसी तरह राजेंद्र पाल गौतम को महिला एवं बाल कल्याण विभाग का जिम्मा मिला है, जबकि केजरीवाल के दूसरे कार्यकाल में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के जिम्मे यह विभाग था। इस 3 अहम बदलाव के अलावा सभी मंत्रियों के पास पुरानी जिम्मेदारी पहले ही जैसी है। दिल्ली की अरविंद केजरीवाल की सरकार 3.0 ने कामकाज संभाल लिया है और इसी के साथ को मंत्रिमंडल के कामकाज का बंटवारा भी किया जा चुका है। जिस तरह से अरविंद केजरीवाल का यह मंत्रिमंडल पिछली सरकार जैसा ही है उसी तरह इस मंत्रिमंडल के कामकाज में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है।दिल्ली जल बोर्ड की जिम्मेदारी जो पिछली सरकार की आखिरी कुछ समय के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पास थी अब वह जिम्मेदारी सत्येंद्र जैन को दे दी गई है जिनके पास पहले से ही स्वास्थ्य शहरी विकास और गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी मौजूद है। पर्यावरण मंत्रालय की जिम्मेदारी गोपाल राय को सौंप दी गई है जिनके पास पहले से ही विकास मंत्रालय मौजूद था। मामूली बदलाव करते हुए महिला बाल विकास कल्याण मंत्रालय अब राजेंद्र पाल गौतम को दे दिया है जिनके पास पहले से ही सामाजिक कल्याण मंत्रालय मौजूद था। इस तरह से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पास कोई विभाग नहीं होगा।
सरकार सूत्रों के अनुसार अरविंद केजरीवाल की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी चुनाव में जनता से किए वादे और गारंटी कार्ड को अमल करवाना जिसके लिए वह पुराने चल रहे सभी प्रोजेक्ट की रोजाना रिव्यू मीटिंग करेंगे और नई पॉलिसी पर मंत्रिमंडल के साथ कार्यान्वयन करेंगे। नई सरकार में केजरीवाल की भूमिका मॉनिटर की तरह होगी। जाहिर है इससे उन्हें आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय विस्तार मिशन के लिए भी समय मिलेगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत सभी मंत्रियों ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में अपना कामकाज संभाल लिया है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पहले ही दिन वित्त और शिक्षा विभाग के बड़े अफसरों की बैठक बुलाई जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। मनीष सिसोदिया की सरकार में भी उपमुख्यमंत्री के पद पर होंगे और साथ ही शिक्षा और वित्त विभाग उनके पास होगा।
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि आखिरी कुछ महीनों में जिस तरह दिल्ली में बसों के आने की रफ्तार तेज हुई उससे आगे जारी रखा जाएगा और अगले कुछ महीनों में बसों की कमी की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। वहीं उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कि बजट को लेकर सरकार जल्दी ही तैयारियां शुरू करेगी और प्राथमिकता जनता को दिए गारंटी कार्ड को पूरा करने की होगी। पिछले हफ्ते दिल्ली विधानसभा चुनाव में बंपर जीत के बाद अरविंद केजरीवाल ने रविवार को तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। उनके अलावा आम आदमी पार्टी सरकार में मनीष सिसोदिया, गोपाल राय, सत्येंद्र जैन, इमरान हुसैन, कैलाश गहलोत और राजेंद्र पाल गौतम ने मंत्री पद की शपथ ली है।

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