वाराणसी,काशी महाकाल एक्सप्रेस की एक सीट को मंदिर का रूप दे दिया गया है। मंदिर में शिव की मूर्ति लगाई गई है।यह ट्रेन वाराणसी से इंदौर के बीच चलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को इसको हरी झंडी दिखाई थी। जिस कोच में मंदिर बनाया गया है उसकी तस्वीर भी सामने आई है। मिली जानकारी के मुताबिक, ट्रेन के कोच बी5 की सीट नंबर 64 को शिव का मंदिर बनाया गया है। यह ट्रेन 20 फरवरी से नियमित तौर पर शुरू होगी। ट्रेन में कई अन्य खूबियां भी हैं, जैसे काशी महाकाल एक्सप्रेस देश की पहली ऐसी ट्रेन है जिसका हर कोच सीसीटीवी कैमरे से लैस है। आईआरसीटीसी के चीफ रीजनल मैनेजर अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि काशी महाकाल एक्सप्रेस के हर कोच में छह-छह सीसीटीवी कैमरों के जरिए सुरक्षा की निगरानी की जाएगी। इसके लिए हर कोच में एक कंट्रोल बनाया गया है। आईआरसीटीसी के पास एक महीने से अधिक समय तक वीडियो फुटेज मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि ट्रेन के प्रत्येक यात्री को 10 लाख रुपये का बीमा दिया जाएगा, इसका कोई भी प्रीमियम यात्री से नहीं लिया जाएगा। उधर,ट्रेन में भगवान शंकर के लिए भी सीट आरक्षित रखने पर संविधान का हवाला देते हुए हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी के सवाल उठाने पर इंडियन रेलवे केटरिंग ऐंड टूरिजम कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) ने सफाई दी है। आईआरसीटीसी ने कहा कि यह सिर्फ उद्घाटन के लिए था जिसका मकसद इस प्रॉजेक्ट की सफलता के लिए भगवान शिव का आशीर्वाद लेना था। आईआरसीटीसी ने एक बयान जारी कर कहा कि पूजा के लिए ट्रेन स्टाफ ने एक ‘अपर बर्थ पर अस्थायी तौर पर श्री महाकाल की तस्वीर’ लगाई थी। बता दें कि एआईएमआईएम मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने इस पर आपत्ति जताते हुए पीएमओ को टैग करके ट्वीट किया था।
काशी- महाकाल एक्सप्रेस में बनाया गया था मंदिर, IRCTC ने कहा यह अस्थाई था