मुजफ्फरनगर, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में शनिवार को नूरा के परिवार वालों से मिलने के लिए वह मुजफ्फरनगर पहुंचीं। इस दौरान प्रियंका गांधी के साथ कांग्रेस नेता इमरान मसूद और पंकज मलिक भी थे।
नूरा के परिजनों से मिलने के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि मैं मौलाना असद हुसैनी से मिलीं, जिन्हें पुलिस ने बेरहमी से पीटा था, नाबालिगों सहित मदरसा के छात्रों को पुलिस ने बिना किसी कारण के उठाया था, उनमें से कुछ को रिहा कर दिया गया था और कुछ अभी भी हिरासत में हैं। प्रियंका गांधी के साथ ही कांग्रेस नेता राशिद अल्वी और पीएल पुनिया अपनी पार्टी की नेता प्रियंका गांधी वाड्रा का पैगाम लेकर फिरोजाबाद में पीड़ित परिवार के घर पहुंचे थे।
यूपी में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की बढ़ रही सक्रियता समाजवादी पार्टी (सपा),बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को खटकने लगी है। सीएए के विरोध के अलावा प्रदेश में हुई अन्य घटनाओं में प्रियंका ने न केवल बढ़चढ़ कर भाग लिया, बल्कि सपा-बसपा को मात दे दी।इस कारण दोनों दलों को अपने वोट बैंक खिसकने का डर सताने लगा है। इसे देखकर मायावती ने तो प्रियंका पर हमले भी शुरू कर दिए हैं। बता दें कि प्रियंका गांधी इन दिनों लोगों को नए साल की शुभकामनाओं वाले ग्रीटिंग कार्ड के साथ संविधान की प्रस्तावना भेज रही हैं। इस तरह वह लोगों को संविधान के प्रति जागरूक करने के साथ ही उनसे मेल-जोल भी बढ़ा रही हैं।
प्रियंका ने नूरा के परिवार से भेंट कर कहा मदरसा के छात्रों को पुलिस ने बिना किसी कारण के उठाया