भोपाल,प्रदेश के सरकारी स्कूलों की दसवीं कक्षा के मॉडल प्रश्न पत्र में गैंबलिंग के स्थान पर गांधी जी छप गया। मामले में बवाल मचने के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। यह मॉडल प्रश्नपत्र प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए गए है। यह गलती मध्यमिक शिक्षा मंडल के 2019-20 शैक्षणिक सत्र की दसवीं की परीक्षा में बैठने वाले छात्रों के लिए तैयार किए गए मॉडल टेस्ट पेपर नंबर-3 में हुई है। इस मॉडल टेस्ट पेपर में प्रश्नों के साथ-साथ उनके उत्तर भी दिए गए हैं, ताकि छात्र-छात्राएं अपने फाइनल पेपर में इसके जरिए तैयारी कर अच्छा अंक हासिल कर सकें। इस मॉडल टेस्ट पेपर के पहले पेज के सातवें सवाल में अंग्रेजी में प्रश्न है कि सुबुद्धि और कुबुद्धि की विशेषताएं क्या होती हैं? इसके जवाब में अंग्रेजी में ही लिखा गया है- सुबुद्धि एक ईमानदार इंसान था और उसने अच्छी जिंदगी जी। कुबुद्धि एक दुष्ट इंसान था और उसने दारू पीने और गांधीजी की जिंदगी जी।
दरअसल गांधीजी की जगह यहां पर गैंबलिंग (जुआ खेलने) छपा होना चाहिए था। पूरा विवाद इसी शब्द को लेकर खड़ा हो गया है। मॉडल प्रश्न पत्र को लेकर प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि इसके लिए पिछले पंद्रह साल तक राज्य में रही भाजपा की सरकार दोषी है। इस मामले में जस्र्र कड़ी कार्रवाई दोषियों के खिलाफ की जाएगी। सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने जिस तरह गोडसे को संसद भवन में देशभक्त बताया है यही असली मानसिकता पिछली बार सरकार में रही भाजपा की है।प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी का कहना है कि छपाई में हुई गलती को मेरे संज्ञान में लाया गया है। इसकी विस्तृत जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा, इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दसवीं कक्षा के मॉडल प्रश्न पत्र में गैंबलिंग के स्थान पर छपा गांधीजी, बवाल के बाद जांच के आदेश