अपनी ही बचत के 90 लाख रुपए पीएमसी बैंक न निकाल पाने से परेशान संजय गुलाटी की मौत

मुंबई,महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले के बाद आरबीआई के निर्देश के तहत बैंक के ग्राहकों को खाते से रकम निकालने के प्रतिबंध से परेशान खाताधारकों को बड़ा मानसिक तनाव से गुजरना पड़ रहा है इसका पहला शिकार हुए मुंबई के रहने वाले 51 वर्षीय संजय गुलाटी जिन्होंने अपनी जान गंवा दी। संजय को एक के बाद एक कई झटके मिले, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। संजय की पहले जेट एयरवेज से नौकरी चली गई, फिर बचत से वह किसी तरह अपने परिवार के साथ गुजारा कर रहे थे। इसी बीच पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक (पीएमसी) में बड़े घोटाले का मामला सामने आ गया।
संजय ने भी पीएमसी में 90 लाख रुपये जमा कर रखे थे, घोटाले की ख़बर सुनते ही उनके होश फाख्ता हो गए। संजय की जमा पूंजी यानी 90 लाख रुपये भी फंस गए। संजय निवेशकों के साथ सोमवार को एक रैली में शामिल हुए थे। उन्होंने वहां निवेशकों को रोते हुए, पैसे लौटाने के लिए गिड़गिड़ाते हुए देखा। लोगों के दिल में भरी टीस देखने के बाद जब वह घर लौटे तो कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई।
संजय ओशिवारा के तारापुर गार्डन के रहने वाले थे। मालूम हो कि पीएमसी बैंक में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद केंद्रीय बैंक ने इस बैंक के ग्राहकों के लिए नकदी निकासी की सीमा तय करने के साथ ही बैंक पर कई तरह के अन्य प्रतिबंध लगा दिए हैं। संजय गुलाटी के परिवार के 90 लाख रुपये ओशिवारा ब्रांच में फंसे हुए हैं। उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं। सोसायटी के सेक्रेटरी यतींद्र पाल कहते हैं, ‘संजय और उनके पिता सीएल गुलाटी जेट एयरवेज में काम करते थे। पहले संजय की नौकरी गई, फिर उनकी बचत भी खत्म होती गई। उन्हें किसी भी प्रकार की कोई गंभीर बीमारी तो नहीं थी। उन्हें सिर्फ थाइरॉयड संबंधी समस्या थी। सोमवार को उन्होंने निवेशकों द्वारा आयोजित एक रैली में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने कई लोगों को रोते हुए, परेशान होते हुए देखा।’
यतींद्र ने कहा, ‘संजय शाम को तकरीबन 3 बजकर 30 मिनट पर वापस लौटे और सो गए। 4 बजकर 45 मिनट पर उन्होंने पत्नी से खाना देने को कहा। जैसे ही वह खाना खा रहे थे, तभी वह बेहोश हुए और उनकी मौत हो गई। यह सब देखकर हम लोगों के होश फाख्ता हो गए।’ मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने राकेश वाधवान और उनके बेटे सारंग गिरफ्तार करने के बाद शुक्रवार को एक स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया था। बैंक को 4,355.43 करोड़ रुपये का चूना लगाने के आरोप में ईओडब्ल्यू ने एचडीआईएल तथा पीएमसी बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

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