पेरिस,रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज मंगलवार को पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक हुई। उन्होंने बोर्डोक्स में पहला राफेल जेट विमान प्राप्त किया। बोर्डोक्स में ही वह दशहरे के मौके पर शस्त्र पूजा कर राफेल में उड़ान भरेंगे। सिंह ने सोमवार को पेरिस पहुंचने पर ट्वीट किया, ‘फ्रांस पहुंचकर खुशी हुई। यह महान देश भारत का अहम सामरिक साझेदार है और हमारा विशेष संबंध औपचारिक संबंधों के क्षेत्र से परे जाता है। फ्रांस की मेरी यात्रा का लक्ष्य दोनों देशों के बीच के वर्तमान सामरिक साझेदारी का विस्तार किया है। फ्रांस की राजधानी में एल्सी पैलेस में मैक्रों के साथ भेंटवार्ता के बाद सिंह दक्षिण पश्चिमी फ्रांसीसी शहर बोर्डोक्स जाएंगे जहां वह भारतीय वायुसेना द्वारा खरीदे गए पहले राफेल लड़ाकू जेट को सौंपे जाने के कार्यक्रम में भाग लिया।
करीब 59 हजार करोड़ रुपए में हुआ था सौदा
इस मौके पर फ्रांस के शीर्ष सैन्य अधिकारी तथा राफेल के विनिर्माता दसाल्ट एविएशन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। भारत ने करीब 59 हजार करोड़ रुपए मूल्य पर 36 राफेल लड़ाकू जेट विमान खरीदने के लिए सितंबर, 2016 में फ्रांस के साथ अंतर-सरकारी समझौता किया था।
अगले साल आएगी चार विमानों की पहली खेप
वैसे तो राजनाथ सिंह आज 36 राफेल जेट विमानों में पहला विमान प्राप्त किया है। चार विमानों की पहली खेप अगले साल मई तक ही भारत आएगी। सभी 36 राफेल जेट विमान सितंबर, 2022 तक भारत पहुंचने की संभावना है। उसके लिए भारतीय वायुसेना जरूरी बुनियादी ढांचा तैयारी करने और पायलटों को प्रशिक्षण देने समेत जरूरी तैयारियां कर रही है।
बढ़ेगी भारत की सामरिक ताकत
लड़ाकू विमान राफेल हासिल करने के बाद भारत दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय भूराजनीति में ताकतवर बनकर उभरेगा। ऐसा रक्षा विशेषज्ञों का मानना है, हालांकि, हवाई क्षेत्र में चीन की ताकत का मुकाबला करने में अभी काफी वक्त लगेगा। राफेल 4.5वीं पीढ़ी का विमान है जिसमें राडार से बच निकलने की युक्ति है। इससे भारतीय वायुसेना (आईएएफ) में आमूलचूल बदलाव होगा क्योंकि वायुसेना के पास अब तक के विमान मिराज-2000 और सुखोई-30 एमकेआई या तो तीसरी पीढ़ी या चौथी पीढ़ी के विमान हैं। सेवानिवृत्त एयर मार्शल एम. मथेश्वरण ने बताया, पाकिस्तान के पास मल्टी रोल विमान एफ-16 है। लेकिन वह वैसा ही है जैसा भारत का मिराज-2000 है। पाकिस्तान के पास राफेल जैसा कोई विमान नहीं है।
राफेल की खासियत
राफेल विमान दो इंजनों वाला बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है।
परमाणु आयुध का इस्तेमाल करने में सक्षम है।
यह हवा से हवा में और हवा से जमीन पर हमले कर सकता है।
फ्रांसीसी कंपनी दसाल्ट एविएशन ने विमान का निर्माण किया है।
राफेल एक ऐसा लड़ाकू विमान है जिसे हर तरह के मिशन पर भेजा जा सकता है। भारतीय वायुसेना की इस पर काफी वक्त से नजर थी।
यह एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है। इसकी फ्यूल कपैसिटी 17 हजार किलोग्राम है।
चूंकि राफेल जेट हर तरह के मौसम में एक साथ कई काम करने में सक्षम है, इसलिए इसे मल्टिरोल फाइटर एयरक्राफ्ट के नाम से भी जाना जाता है।
इसमें स्काल्प मिसाइल है जो हवा से जमीन पर वार करने में सक्षम है।
राफेल की मारक क्षमता 3700 किलोमीटर तक है, जबकि स्काल्प की रेंज 300 किलोमीटर है।
विमान में फ्यूल क्षमता- 17,000 किलोग्राम है।
यह ऐंटी शिप अटैक से लेकर परमाणु अटैक, क्लोज एयर सपॉर्ट और लेजर डायरेक्ट लॉन्ग रेंज मिसाइल अटैक में भी अव्वल है।
यह 24,500 किलो तक का वजन ले जाने में सक्षम है और 60 घंटे की अतिरिक्त उड़ान भी भर सकता है।
इसकी स्पीड 2,223 किलोमीटर प्रति घंटा है।
जेट में होंगे 6 बदलाव
इजरायली हेलमेट माउंटेड डिस्प्ले
राडार वॉर्निंग रिसीवर्स
लो बैंड जैमर्स
10 घंटे का फ्लाइट डेटा रिकॉर्डिंग सिस्टम
इन्फ्रा-रेड सर्च
ट्रैकिंग सिस्टम
देश को मिला पहला राफेल, उड़ान भरेंगे राजनाथ और करेंगे शस्त्र पूजा