भोपाल, हनी ट्रैप गिरोह की आंच मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों तक फैल गई है। मंगलवार को इस गिरोह के रिमांड पर चल रही आरोपी महिलाओं को भी 14 अक्टूबर तक जेल भेज दिया गया है। सूत्रों के अनुसार हनी टैप गैंग के सारे आरोपियों के जेल भेजने के बाद अब राजनैतिक और प्रशासनिक गलियारों में सरगर्मियां बढती जा रही हैं। इसका कारण एसआईटी को कई सफेदपोश नेताओं और आला अफसरों के अशलील वीडियो मिलना है। हाई प्रोफोइल मामले में सबसे ज्यादा सवाल फोन टैपिंग को लेकर उठ रहे हैं, फोन टैपिंग करने वाली आरोपी महिलाओं की सायवर सेल में भी खासी पैठ थी और अक्सर उनका अधिकारियों से मेल जोल अब एसआईटी की राडार पर आ गया है। सूत्र बताते हैं कि जांच टीम अब हनी टैप के अधिकारियों की भूमिका की भी तलाश कर रही है। अंदरुनी सूत्रों की माने तो जांच अधिकारियों सहित कई नेताओं को भी संदेह है कि सायवर सेल अधिकारियों की मदद से ही फोन टैपिंग को अंजाम दिया गया है। और इसके बाद ब्लेक मेलिंग कांड में गैंग और उसका शिकार बने पीडितों के बीच मधयस्थता करने में भी अफसरों की भूमिका हो सकती है। वहीं हनी टैप कर गैंग द्वारा करोड़ों की जमीन खरीदने की जानकारियां, सामने आने का बाद अबआईटी टी विभाग भी एक्शन मोड़ पर आ गया है।
हनी ट्रैप मामले में फोन टैपिंग को लेकर पुलिस की सायवर सेल शाखा पर संदेह