इंदौर, मुख्यमंत्री कमल नाथ ने बहुप्रतीक्षित इंदौर मेट्रो रेल परियोजना का विधि विधान से भूमिपूजन कर शिलान्यास किया। इंदौर के एमआर-10 पर टोल नाके के पास इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का विकास ही हमारा प्रमुख लक्ष्य है। मेट्रो रेल बंगाली स्क्वायर से नैनोद, भंवरसला स्क्वायर, रेडिसन स्क्वायर और बंगाली स्क्वायर होते हुए जाएगी। अंडरग्राउंड सेक्शन की प्रस्तावित लंबाई 7.11 किलोमीटर और प्रस्तावित स्टेशनों की संख्या 29 होगी। गांधीनगर से इंदौर रेलवे स्टेशन का एलिवेटेड सेक्शन का कार्य 31 दिसंबर 2022 तक पूर्ण होगा। अंडरग्राउंड सेक्शन इंदौर रेलवे स्टेशन से गांधी नगर का कार्य 31 जुलाई 2023 तक पूर्ण होगा। डिपोट लाइन का कार्य 28 फरवरी 2023 तक पूर्ण होगा और सिस्टम लाइन का कार्य 31 अगस्त 2023 को पूर्ण होगा । इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की कुल लागत 7500.80 करोड़ रुपए होगी। नाथ ने इन्दौर की इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का भूमि-पूजन करते हुए कहा कि आज से दस वर्ष पूर्व जब वे

केन्द्र में शहरी विकास मंत्री थे तब उन्होंने भोपाल और इन्दौर के लिए स्वीकृति दी थी और तत्कालीन सरकार को इसका डीपीआर बनाने को कहा था। आज दस साल बाद इन्दौर की मेट्रो रेल परियोजना की शुरुआत होने जा रही है। नाथ ने कहा कि इसके निर्माण, संचालन और रख-रखाव की गतिविधियों से इन्दौर और आस-पास के क्षेत्रों में रोजगार के व्यापक अवसर बढ़ेंगे। सड़क दुर्घटनाओं में कमी के साथ ही यातायात पर दबाव कम होगा और लोगों को सबसे विश्वसनीय और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा। नाथ ने कहा कि इससे शहर का सौन्दर्यीकरण होगा और प्रदूषण में कमी आएगी।
-7500.80 करोड़ रुपए लागत है प्रोजेक्ट की
-7.11 किलोमीटर जमीन के अंदर से गुजरेगी रेल
-29 स्टेशन बनेंगे शहर में
-31 दिसंबर 2022 तक पूर्ण होगा ऐलिवेटेड सेक्शन कार्य
-31 अगस्त 2023 को पूर्ण होगा सिस्टम लाइन का कार्य