भोपाल, मध्यप्रदेश के ई-टेंडर महाघोटाले में जल्द एक और नई एफआईआर दर्ज की जा सकती है, सुत्रो के अनुसार ईओडब्ल्यू की लगातार जारी जांच में कुल 52 टेंडरों में से 42 में टेंपरिंग का बड़ा खुलासा हुआ है। जांच मे सामने आया हे की घोटाले की जांच शुरू होने से ठीक पहले इन टेंडरों में छेड़छाड़ कर कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया था। ईओडब्ल्यू एफआईआर दर्ज करने के लिए भारत सरकार की टेक्निकल जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। यह घोटाला करीब पर दो हजार करोड़ रुपए का है।
गौरतलब है की ईओडब्ल्यू ने बीजेपी सरकार में हुए ई-टेंडर घोटाले को लेकर सबसे पहली एफआईआर 10 अप्रैल 2019 को दर्ज की थी, ये एफआईआर नौ टेंडर में टेंपरिंग को लेकर की गई थी। ईओडब्ल्यू अब तक इस एफआईआर में बनाए गए नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन जब इस महाघोटाले की जांच आगे बढ़ी तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। बताया जा रहा है की जांच में कुल 52 टेंडरों में से 42 में टेंपरिंग होने के पुख्ता सबूत मिले हैं, जिसके आधार पर ईओडब्ल्यू जल्द ही इन टेंडरों को लेकर एक नई एफआईआर दर्ज करने वाली है। जानकारी के अनुसार ईओडब्ल्यू ने 18 मई 2018 को ई टेंडर में हुई गड़बड़ी को लेकर जांच शुरू की थी, इस जांच के शुरू होने से ठीक 2 महीने पहले मार्च 2018 तक 52 टेंडरों की जांच में 42 टेंडरों में टेंपरिंग होने का खुलासा हुआ। सुत्र बताते है की 52 टेंडर अक्टूबर 2017 से मार्च 2018 के दौरान प्रोसेस में आए थे, इनमें 42 टेंडरों में छेड़छाड़ के पुख्ता सबूत मिले हैं। ईओडब्ल्यू ने चिन्हित 42 टेंडरों में टेंपरिंग को लेकर राज्य शासन और टेंडरों से जुड़े संबंधित विभागों को जानकारी भेजी थी, इस जानकारी के भेजने के बावजूद किसी भी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद अब 42 टेंडरों की तकनीकी जांच इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम भारत सरकार से कराई जा रही है। सुत्रो के अनुसार जिन टेंडरों में टेंपरिंग की गई है, इनमें अधिकांश टेंडर के तहत प्रदेश के कई हिस्सों में काम भी किए जा रहे हैं। ये टेंडर जल संसाधन, सड़क विकास निगम, नर्मदा घाटी विकास, नगरीय प्रशासन, नगर निगम स्मार्ट सिटी, मेट्रो रेल, जल निगम, एनेक्सी भवन समेत कई निर्माण काम करने वाले विभागों के हैं। सूत्रों का दावा है की अरबों रुपए के इन टेंडरों में ऑस्मो आईटी सॉल्यूशन और एंटेरस सिस्टम कंपनी के पदाधिकारियों के जरिए टेंपरिंग की है, ओर ईओडब्ल्यू के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम की टेक्निकल जांच रिपोर्ट आ जाएगी और इसी रिपोर्ट के आधार पर नई एफआईआर होगी। गोरतलब है की घोटाले से जुड़ी पहली एफआईआर भी टेक्निकल जांच के रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हुई थी।
ई-टेंडर घोटाले की 42 निविदाओं में मिले छेड़छाड़ के सबूत, अब दर्ज होगी नई एफआईआर