जबलपुर, रियल स्टेट कारोबारी खन्ना बिल्डर्स पर सेंट्रल जीएसटी टीम (जनरल सर्विस टैक्स) द्वारा मारे गये छापे की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। खन्ना प्रापर्टी एंड इन्फास्ट्रक्चर से जुड़े सभी फर्माें और इनसे जुड़े कारोबार करने वालों की फर्म में भी जद में आ गई। करोड़ों के टैक्स दबाये जाने का मामला उठा ही मकान, दुकान फ्लैट कम कीमत पर बेचने को शो कर करअपवंचन किया जाने का मामला भी प्रकाश मे आया है। जीएसटी ने जमकर अड़ी दी तो खन्ना बिल्डर की फर्मे सरेण्डर हो गई। जीएसटी सूत्रों के मुताबिक करीब-करीब ५ करोड़ रुपये की करचोरी का मामला बनता नजर आ रहा है। जीएसटी की इस कार्रवाई से सुखसागर पोलीपाथर से ग्वारीघाट तक पैâला रियल स्टेट कारोबार कटघरे में आ गया और हडकंप का मामला बन गया। इन दिनों खन्ना बिल्डर्स की सितारे गर्दिश में चल रहे है। अभी इस ग्रुप की सुखसागर मेडीकल कालेज एमसीआई के घेरे में आकर बुरी तरह छटपटा रही है और अब रियल स्टेट का कारोबार उस समय जीएसटी के घेरे में आया जब बाजार में मंदी का दौर आया।
जीएसटी ने की कड़ाई से पूछताछ
जीएसटी के प्रधानआयुक्त वी.वी.महापात्रा के निर्देशन में चल रही कार्रवाई में सहायक आयुक्त के टिकेंद्र कृपाल व उनकी टीम द्वारा खन्ना बिल्डर्स के संचालक अमन दीप सिंह से कड़ाई से पूछताछ की। पहले तो इस ग्रुप ने अपने राजनीति रसूख की धौंस दिखाने की कोशिश की, लेकिन जब कहीं दाव नहीं चला तो धीरे-धीरे सरेंडर करने लगे और अपने तेवर नरम कर लिये।
यहां-यहां पड़े छापे.
सेंट्रल जीएसटी की टीम ने खन्ना बिल्डर्स के संचालकों द्वारा सुखसागर मोटर्स पोलीपाथर और ग्वारीघाट पर बनी सुखसागर वैली में बनी कंपनियों में छापे की कार्रवाई की है। जीएसटी अधिकारियों का कहना है कि खन्ना बिल्डर्स द्वारा प्रापर्टी मंहगी कीमत में बेची जाती थी और कम कीमत दर्शा कर करचोरी की जा रही थी। सूत्रों की मानें तो जीएसटी ने जब शिकंजा कसा तो खन्ना बिल्डर्स ने लाखों रुपये सरेंडर भी किये। लेकिन कार्रवाई पूरी होने पर अधिकारी आधिकारिक तौर पर कोई फिगर नहीं बता पा रहे। अनुमान के तौर पर तकरीबन ५ करोड़ रुपये टैक्स चोरी का मामला सामने आ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस ग्रुप की फर्मों और इनके साथ काम करने वालों से दस्तावेज जब्त कर लिये है जिनकी बारीकी से जांच की जा रही है।
खन्ना बिल्डर्स के दफ्तरों पर छापा, जीएसटी टीम ने शुरू की पड़ताल