भोपाल, प्रदेश के बहुचर्चित ई-टेंडर घोटाले में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के करीबियों मे शामिल उनके पूर्व निज सचिव निर्मल अवस्थी और वीरेंद्र पांडे को चार दिन के रिमांड के बाद कोर्ट मे पेश कर जेल भेज दिया गया। गोरतलब है की चार दिन पहले पुलिस ने उन्हे रिमांड पर लिया था, रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद आज दोनो को कोर्ट मे पेश किया गया जहॉ से न्यायालय ने उन्हे जेल भेज दिया। गोरतलब है की दोनो बीते सात दिनो से रिमांड पर चल रहे थे। पहले उन्हे तीन ओर बाद मे चार दिनो की रिमाड पर लिया गया था। गोरतलब है की रिमांड के दौरान दोनो से नगरीय प्रशासन, स्वास्थ्य और जल संसाधन विभाग के टेंडरों को लेकर पूछताछ की जा रही थी। सुत्रो का कहना है की ईओडब्ल्यू अब अवस्थी, पांडे और मुकेश शर्मा को ई-टेंडर घोटाले में एजेंट मानकर चल रही है। सूत्रों के मुताबिक ई-टेंडर घोटाले में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के करीबियों मे शामिल दोनो निज सचिवो पर शिंकजा कसने के बाद अब ईओडब्ल्यू का शिकंजा मिश्रा के अन्य करीबी मुकेश शर्मा पर भी कस गया है, सुत्रो की मानी जाये तो मुकेश शर्मा के खिलाफ ईओडब्ल्यू को साक्ष्य मिले हैं, जिन्हें लेकर शर्मा को ईओडब्ल्यू द्वारा जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है। गोरतलब है की उसका नाम करीब एक दशक पहले आयकर के एक छापे में भी आया था, जिसमें एक वाहन चालक के लॉकर से करोड़ों रुपए मिले थे। मुकेश शर्मा के बारे में ईओडब्ल्यू को यह सूत्र हाथ लगे हैं कि उसके नगरीय प्रशासन, स्वास्थ्य और जल संसाधन विभाग के ई-टेंडरों में प्रमुख भूमिका रही है, ओर वो नरोत्तम मिश्रा के लिये दलाली का काम करता था। गोरतलब हैं कि पुरे मामले मे ईओडब्ल्यू ने आयकर विभाग से साल 2009 की वो रिर्पाट मंगवा ली है, जिसमे नरोत्तम मिश्रा पर हैदराबाद की कंपनी से रिश्वत लेने के आरोप लगे थे।
पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के दोनो पूर्व सहायकों को जेल भेजा गया