नई दिल्ली, मोदी सरकार ने बड़े फैसला करते हुए देश भर के टोल प्लाजा पर कैश से लेनदेन बंद करने की घोषणा की। मंगलवार को लोकसभा में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी घोषणा की। अब सभी गाड़ियां फास्ट टैग के जरिए ही टोल प्लाजा से निकल सकेंगी। अगले चार महीने में सभी गाड़ियों में फ़ास्ट टैग लगाना अनिवार्य कर दिया जाएगा। वहीं सड़क एवं परिवहन मंत्री गडकरी ने टोल की व्यवस्था को उचित ठहराया। करीब 1 हफ्ता पहले उत्तरप्रदेश के इटावा से बीजेपी सांसद रामशंकर कठेरिया और उनके सुरक्षाकर्मियों की यह तस्वीर सामने आई। जिसमें वहां एक टोल प्लाजा के कर्मचारियों से मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। बात दे कि देश में पिछले कुछ सालों में ऐसी तस्वीरें आम हो गई हैं गाड़ी में बैठे यात्रियों और टोल प्लाजा के कर्मचारियों के बीच टोल जमा करने के सवाल पर झड़प होती रही है। लेकिन अब ये स्थिति बदल सकती है, और उसकी वजह है सरकार का एक फैसला। मोदी सरकार ने फ़ैसला किया है कि अब किसी भी टोल प्लाजा पर कैश में लेन-देन नहीं होगा। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में ऐलान किया की अब सरकार की योजना है कि अब उन्हीं गाड़ियों को टोल प्लाजा से आगे जाने दिया जाए जिन गाड़ियों में फास्ट टैग लगा हुआ हो। मतलब ये हुआ कि अब कैश देकर टोल देने की व्यवस्था खत्म कर दी जाएगी।
क्या होता है फास्टैग
फास्टैग गाड़ियों में लगा एक ऐसा उपकरण होता है जिस में चिप लगा होता है। जैसे ही कोई गाड़ी टोल प्लाजा पर पहुंचती है, फास्ट टैग में लगे चिप के जरिए टोल प्लाजा की मशीन खुद-ब-खुद उसे पढ़ लेती है और गेट खुल जाता है। टोल की रकम फास्ट टैग में जमा पैसे से खुद-ब-खुद कट जाती है। हालांकि नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल के जरिए कमाई को सही ठहराया। गडकरी का तर्क था कि अगर अच्छी सड़क का इस्तेमाल करना है तो उसके निर्माण के लिए लोगों को पैसा देना होगा। गडकरी ने सफाई दी कि छोटी सड़कों और छोटी गाड़ियों पर कोई टोल नहीं लिया जाता है। वैसे गडकरी ने इसमें कुछ रियायत देने पर विचार करने का आश्वासन ज़रूर दिया। गडकरी ने कहा कि स्कूल की गाड़ियों और सरकारी बसों को टोल से मुक्त करने पर विचार हो सकता है।
टोल प्लाजा से कैश का लेनदेन पूरी तरह बंद होगा, फास्ट टैग के जरिए वसूली जाएगी रकम