मानसून का मध्यप्रदेश में प्रवेश, छिंदवाड़ा, खंडवा, मंडला सहित दक्षिणी मप्र में पड़ी बौछार

भोपाल/नई दिल्ली,लंबे इंतजार के बाद मध्यप्रदेश में मानसून ने सोमवार को दस्तक दे ही दी। दक्षिणी मध्यप्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बारिश के साथ ही लोगों ने भीषण गर्मी से कुछ राहत महसूस की। मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि छिंदवाड़ा, खंडवा और मंडला सहित दक्षिण मध्यप्रदेश में मानसून पहुंच गया है। इसके एक-दो दिनों में राजधानी भोपाल पहुंचने की उम्मीद है।
मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मानसून ने मध्यप्रदेश के दक्षिणी क्षेत्र में दस्तक दे दी है। छिंदवाड़ा, खंडवा और मंडला सहित कुछ क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। मप्र के नौगांव सोमवार में 21 मिमी, रतलाम में 20 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा खंडवा मेंं 9 मिमी, इंदौर में 4 मिमी, टीकमगढ़ में 3 मिमी, सागर में 2 मिमी, मंडला में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
कम बारिश की आशंका
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के 84 प्रतिशत केंद्रों ने इस बार कम बारिश की आशंका जताई है। केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि देश के 91 बड़े जलाशयों में से 80 प्रतिशत में पानी सामान्य से कम है। यहां तक कि 11 जलाशयों में पानी का भंडारण शून्य प्रतिशत है, जो देश में पानी की भीषण कमी को दिखाता है। देश में बारिश का मौसम 1 जून से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलता है। लेकिन, 22 जून तक मानसून में औसतन 39 प्रतिशत कमी दर्ज की गई है।
चार संभागों में कम बारिश
मौसम विभाग के 36 उप संभागों में से 25 प्रतिशत ने कम वर्षा दर्ज की है, जबकि 6 उप संभागों में बेहद कम बारिश दर्ज की गई। आईएमडी के चार संभाग हैं। पूर्व व उत्तर पूर्व, दक्षिणी प्रायद्वीप, मध्य भारत और उत्तर पश्चिम भारत। पूर्व व उत्तर पूर्व संभाग में पूर्वोत्तर के राज्य बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल आते हैं। इन सभी क्षेत्रों में कम बारिश हुई है।
मध्य भारत में भी कम बारिश
मध्य भारत के 10 उप संभागों में से सिर्फ ओडिशा में सामान्य बारिश हुई है। महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र सहित चार उप संभागों में बेहद कम बारिश हुई है। मध्य भारत के गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ उप संभागों में भी कम वर्षा दर्ज की गई है।

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