नई दिल्ली, मानसून की धीमी चाल के कारण इसके केरल तक और देरी से पहुंचने का अनुमान है। मानसून केरल में सात जून को दस्तक दे सकता है। प्राइवेट मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट ने अपने पहले जारी किए गए पूर्वानुमान में बदलाव किया है। एजेंसी ने पहले बताया था कि चार जून को मानसून के केरल पहुंचते ही बारिश का मौसम शुरू हो जाएगा। एजेंसी ने इसके दो दिन आगे पीछे रहने का अनुमान भी जताया था। स्काईमेट ने कहा है कि लेकिन वर्तमान मौसम परिस्थिति का संकेत है कि मानसून अब सात जून के आसपास पहुंचेगा। इसमें दो दिन आगे पीछे रह सकता है। भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि छह जून तक मानसून केरल पहुंच सकता है।
विभाग ने भी इसमें दो दिन आगे पीछे होने का अनुमान जताया है। स्काईमेट वेदर के मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन के प्रेसिडेंट जीपी शर्मा ने कहा कि मानसून की गति में बदलाव जारी है। असल में अनुकूल स्थिति बनने में कुछ और दिन लग मानसून के आगमन की घोषणा के लिए जरूरी तीन मानदंडों में से अभी तक एक भी पूरा नहीं हो पाया है। शर्मा ने मानसून की धीमी गति के तीन मुख्य कारणों का उल्लेख किया। अफ्रीका के सोमालिया तट में निम्नदाब का क्षेत्र बना हुआ है जो हवा के पैटर्न को प्रभावित कर रहा है। सिस्टम ने आर्द्रता खत्म कर दी है और पश्चिमी अरब सागर के ऊपर केरल पहुंचने वाली हवा के रुख में बाधा उत्पन्न हो गई है। इसके अलावा मध्य अरब सागर के ऊपर बना उच्च दाब के कारण भी अनुकूल स्थिति नहीं बन रही है।
मानसून की रफ्तार धीमी, केरल में सात जून को पहुँचने का अनुमान