IDA के सब इंजीनियर व उसके ठेकेदार भाई के यहां लोकायुक्त का छापा, बेहिसाब संपत्ति का पता चला

इंदौर, इंदौर विकास प्राधिकरण के सब इंजीनियर गजानंद पाटीदार और उनके ठेकेदार भाई रमेश पाटीदार के ठिकानों पर लोकायुक्त की टीम ने आज सुबह छापा मारा। लोकायुक्त ने अलग-अलग 7 ठिकानों पर छापा मारा है। छापे की कार्रवाई के दौरान बेहिसाब संपत्ति की जानकारी मिली है। इतना ही नहीं उनके घर से बड़ी मात्रा में नकदी और सोना-चांदी भी मिली है। लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक सब इंजीनियर गजानंद पाटीदार केवल आईडीए में ही नहीं काम करते हैं। बल्कि अपने भाई और रिश्तेदार के साथ मिलकर जमीन की खरीद-फरोख्त और कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं। इस काम में उन्होंने मोटा पैसा लगाया हुआ है। स्कीम नंबर 78 के अरण्य नगर में जिस मकान में छापे की कार्रवाई चल रही है। उसके बगल में दो 1500 स्केवयर फीट के प्लॉट मिले हैं। सब इंजीनियर के घर के पास ही भाई की पत्नी वंदना और बहन सुनीता पाटीदार का भी मकान मिला है। स्कीम नंबर 94 में भी एक मकान मिला है। इंदौर में सब इंजीनियर के 8 ठिकानों पर कार्रवाई चल रही है। साथ ही खरगोन के शेगांव में भी उनके पैतृक घर भी एक टीम जांच के लिए पहुंचीं हुई है।
लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक सब इंजीनियर ने जमीन में बड़ा निवेश किया हुआ है। इससे जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल चल रही है। वहीं सब इंजीनियर और उनके रिश्तेदारों के बैंक खाते और लॉकर की भी जांच की जाएगी। लोकायुक्त की टीम सुबह-सुबह ही सब इंजीनियर गजानंद पाटीदार के स्कीम नंबर 78 अरण्य नगर स्थित मकान पर पहुंचीं। टीम को देखकर सब इंजीनियर घबरा गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक सब इंजीनियर के पास स्कीम नंबर 78 में दो प्लॉट मिले हैं। इसके अलावा खेती की जमीन, दुकान, मकान व अन्य संपत्तियों का खुलासा भी हुआ है। बताया जाता है कि गजानन पहले ट्रेसर के रूप में आईडीए में काम करते थे। साल 2000 में बतौर उपयंत्री के तौर पर पर उनकी स्थापना हुई। गजानन की सैलरी लगभग 55 हजार रुपए महीना है, लेकिन आय से अधिक संपत्ति के मामले की शिकायत के बाद लोकायुक्त ने छापामार कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि दोनों ही भाईयों के ठिकानों पर बेहिसाब संपत्ति मिली है।

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