लोकायुक्त ने शिवराज के भाई रोहित की कंपनी के गेंट्री और डीजल घोटाले से जुड़े कागज खंगाले

भोपाल,शिवराज सरकार के दौरान हुए घोटालों और वित्तीय अनियमितताओं की परतें अब खुलने लगीं है। ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) के बाद अब ये धांधलियां लोकायुक्त की राडार पर है। इसकी शुरुआत पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के भाई रोहित चौहान की कंपनी को मिले ऑर्डर से हो चुकी है। कुल मिलाकर 50 से ज़्यादा ऐसे मामले हैं। कमलनाथ सरकार के आने के बाद ईओडब्ल्यू ने पहली बार ई-टेंडरिंग और एमसीयू मामले में एफआईआर दर्ज की है। राज्य सरकार की इस एजेंसी के एक्शन में आने बाद अब लोकायुक्त ने भी शिवराज सरकार के दौरान हुई शिकायतों की जांच शुरू कर दी है। सबसे पहले पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के भाई रोहित चौहान की कंपनी को लेकर हुई शिकायत की जांच की जा रही है।
इस तरह किया गया घोटाला
बताया जाता है कि यूनिकॉर्प साल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को जिन 160 स्थानों पर गेंट्री लगाने का काम दिया गया था, उनमें न केवल बदलाव किया गया है, बल्कि गेंट्री की संख्या भी बढ़ गई है। 22 स्थानों पर महापौर और आयुक्त के निर्देश पर गेंट्री लगाई गई हैं। कंपनी ने 25.76 रुपए वर्ग फीट की दर से विज्ञापन शुल्क जमा करने का रेट दिया था। टेंडर में भाग लेने वाली शेष दो कंपनियों का रेट 14.95 और 16.10 रुपए प्रति वर्ग फीट था। कंपनी को वर्क ऑर्डर से पहले ही इस बात के संकेत थे कि उन्हें मनमर्जी से काम करने की छूट मिलेगी। लोकायुक्त ने इस मामले में होडिंग्स शाखा के अधिकारियों को तलब किया है। इसके अलावा भी नगर निगम में हुए डीजल घोटाले की जांच की जा रही है। कांग्रेस का कहना है कि जब फाइलें खुलती हैं, तो बीजेपी नेताओं को दिक्कत होती है. अब जेल की हवा खाने की बारी है। बीजेपी इसे बदले की कार्रवाई बता रही है। गेन्ट्री और डीजल घोटाले के अलावा भी शिवराज सरकार के दौरान लोकायुक्त में हुई 50 से ज्यादा शिकायतों को चिन्हित कर उनकी जांच तेज कर दी गई है। लोकायुक्त एक्शन में है। आने वाले दिनों में ऐसी करीब 50 फाइलों की धूल झाड़कर उन पर कार्रवाई हो सकती है।

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