भोपाल, प्रदेश में सत्तारुढ कांग्रेस ने बिजली की आपूर्ति में लापरवाही एवं अनियमितता बरतने वाले सैकडों की संख्या में अधिकारी-कर्मचारियों पर गाज गिराई है। चुनावी बेला में बिजली की सप्लाई में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं। इस तरह के संकेत सरकार ने ताजा कार्रवाई करके दे दिए हैं। प्रदेश में बिजली सप्लाई में अनियमितता करने वाले 492 अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही अवैध रूप से बिजली लाइन में तार डालकर ट्रिपिंग करने वाले छह अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ ही बाबई में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। सीहोर और भोपाल में दो-दो, राजगढ़ और होशंगाबाद में एक-एक एफआईआर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई है। ऊर्जा विभाग द्वारा विद्युत प्रदाय में अनियमितता पर 165 अधिकारी-कर्मचारी को निलंबित, 87 को कारण बताओ नोटिस और 240 की सेवा समाप्त की गई हैं।
निलंबितों में चार कार्यपालन अभियंता, 10 सहायक अभियंता, 35 कनिष्ठ अभियंता और 116 लाइनमैन शामिल हैं।वर्ष 2017-18 में अप्रैल में बिजली की अधिकतम मांग 8 हजार 177 मेगावाट थी, जो वर्ष 2018-19 में 8 हजार 434 और वर्ष 2019-20 में 21 अप्रैल तक बढ़कर 9 हजार 443 मेगावाट हो गई है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा आईसीपी केशरी ने बताया कि आंधी-तूफान एवं अन्य प्राकृतिक कारणों से जहां पूरे प्रदेश में 16 अप्रैल को 10 हजार 387 ट्रिपिंग हुई। वहीं 17 अप्रैल को 6 हजार 167 एवं 18 अप्रैल को 2 हजार 186 तथा 19 अप्रैल को एक हजार 639 और 20 अप्रैल को मात्र एक हजार 500 ट्रिपिंग हुई। इसी तरह 16 अप्रैल को जहां ट्रिपिंग के दौरान पूरे प्रदेश के फीडरों पर कुल 14 हजार 443 घंटे बिजली बाधित रही, वहीं 20 अप्रैल को मात्र 894 घंटे बिजली बाधित हुई।
MP में बिजली सप्लाई में बाधा पहुंचा रहे 492 अधिकारी-कर्मचारी नपे, एफआईआर भी दर्ज कराई