भोपाल, हवाई यात्रा की तमन्ना रखने वाले राजधानीवासियों के लिए खुश खबरी है कि यहां से होकर उडने वाली फ्लाइट की संख्या बढ़कर 46 हो गई है। इसी तरह से अगर कार्गो की संख्या बढ़े तो भोपालवासी सस्ती दरों पर हवाई यात्रा का आनंद ले पाएंगे। आगामी 15 मई से पहले भोपाल के निर्यातकों को भी व्यावसायिक दरों पर अपने उत्पाद को कार्गो से भेजने की सुविधा मिल सकती है। इसका अनुमान 32 टन तक लगाया जा रहा है। यह बात भोपाल कमिश्नर कल्पना श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सपोर्ट एयर कनेक्टीविटी समूह के पदाधिकारी सहित निर्यातक कंपनियों के साथ हुई एक बैठक में लिया गया। बैठक में स्पष्ट हुआ कि इंदौर एयरपोर्ट से अभी 74 से ज्यादा फ्लाइट संचालित हो रही है। वहीं कार्गो के दाम 12 रुपए प्रति किलो के हिसाब से लिया जा रहा है, लेकिन भोपाल में कार्गो के दाम 16 से 93 रुपए प्रति किलो तक है। इससे व्यापारी इंदौर से ही अपना उत्पाद बाहर भेजते है। कार्गो की संख्या बढ़ने पर फ्लाइट टिकट के फेयर में भी कमी आ सकती है।
इंदौर एयरपोर्ट की तर्ज पर कार्गो बुकिंग की दरें बराबर करने के लिए मांग की गई। इतना ही नहीं भोपाल एयरपोर्ट को फल-सब्जी के अलावा फार्मा और टैक्साइल निर्यात किया जाता है। इसके लिए भोपाल कार्गो हब बनाया जा सकता है। ताकि यहां उगाएं हुए फल और सब्जियां सहित दवाएं और टैक्सटाइल एयरपोर्ट के जरिए बाहर भेजी जा सके। बैठक में एयरपोर्ट, एयरवेज कंपनियों, सीआईआई फेडरेशन, एमपीचेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, विभिन्न निर्यातक कंपनियों के प्रतिनिधियों सहित सपोर्ट एयर कनेक्टीविटी समूह के पदाधिकारी ने भोपाल से ही कार्गो भेजने के संबंध में निर्णय लिया। कमिश्नर कल्पना श्रीवास्तव ने विमान कंपनियां एयर इंडिया, जेट, और इंडिगो के प्रतिनिधि कार्गो की प्रतिदिन क्षमता का आंकलन और भोपाल से प्रतिदिन होने वाले निर्यात की जानकारी इकटठी कर दो मई को होने वाली बैठक में लाए। इसके बाद यदि कार्गो की संख्या बढती है तो इसका फायदा हवाई यात्रियों को मिलना तय है। यात्री किराया में कमी आएगी, इसका सीधा लाभ आम यात्रियों को मिल सकता है।
भोपाल से फ्लाइट की संख्या बढ़ी, कार्गो की संख्या बढ़े तो सस्ते हो जायेंगे फ्लाइट के टिकट