इंदौर, लोकसभा अध्यक्ष और इंदौर से 8 बार सांसद रहीं सुमित्रा महाजन ने पत्र लिखकर राजनीतिक सनसनी फैला दी। उन्होंने लोकसभा चुनाव लडऩे से इनकार कर दिया। शुक्रवार को उन्होंने एक पत्र मीडिया को भेजकर कहा कि भाजपा में उनके टिकट को लेकर असमंजस है और निर्णय लेने में दिक्कत हो रही है। इसलिए अब मैं लोकसभा चुनाव नहीं लड़ूंगी। पार्टी को अब इंदौर सीट पर जल्द नाम तय करना चाहिए।
गौरतलब है कि भाजपा प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से 18 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है, लेकिन भाजपा का गढ़ इंदौर सीट टिकट की बाट जोह रही है। इंदौर से नए नामों की चर्चा के बीच सुमित्रा महाजन का यह पत्र राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्या है पत्र में
लोकसभा अध्यक्ष ने लिखा कि भाजपा ने आज तक इंदौर में अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, यह अनिर्णय की स्थिति क्यों? संभव है कि पार्टी को निर्णय लेने में कुछ संकोच हो रहा है। हालांकि, मैंने पार्टी के वरिष्ठों से इस संदर्भ में बहुत पहले ही चर्चा की थी और निर्णय उन पर छोड़ दिया था। लगता है उनके मन में अब भी कुछ असमंजस है। इसलिए मैं घोषणा करती हूं कि मुझे अब लोकसभा का चुनाव नहीं लडऩा है। अत: पार्टी अपना निर्णय मुक्त मन से करे, नि:संकोच होकर करे।
भाजपा का गढ़ रहा इंदौर
इंदौर सीट 30 साल से भाजपा के पास ही है। अब तक हुए 16 लोकसभा चुनावों में यहां से कांग्रेस सिर्फ चार बार जीत सकी है। लेकिन, इंदौर लोकसभा के अंतर्गत आने वाले 8 विधानसभा क्षेत्रों में 2018 के चुनाव बराबरी के रहे। भाजपा और कांग्रेस ने 4-4 सीटें जीती थीं। ऐसे में ताई संकट में दिख रही थीं।
उमा-सुषमा के बाद ताई
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री उमा भारती और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पहले ही चुनाव लडऩे से इनकार कर दिया था। अब सुमित्रा महाजन तीसरी बड़ी नेत्री हैं जो पीछे हटी हैं।
इन्हें मिल सकता है टिकट
कैलाश विजयवर्गीय (पूर्व मंत्री, भाजपा के प. बंगाल प्रभारी)
मालिनी गौड़ (वर्तमान महापौर, तीन बार से विधायक)
संकट में संजर : बोले- मुझे नहीं पता चुनाव लड़ूंगा या नहीं
भोपाल सांसद आलोक संजर को टिकट कटने का डर सता रहा है। संजर ने कहा कि मुझे नहीं पता चुनाव लड़ूंगा या नहीं। उन्होंने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी की बेटी या किसी को भी टिकट मिलेगा तो समर्थन करेंगे।
.बयान पर घिरे पीसी : मंत्री शर्मा को आचार सहिंता उल्लंघन का नोटिस
कमलनाथ सरकार में मंत्री पीसी शर्मा को कार्यकर्ताओं को बूथ और कांग्रेस प्रत्याशी को जिताने पर नौकरी का ऑफर देना महंगा पड़ गया है। शर्मा के बयान की शिकायत होने के बाद कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ सुदाम खाडे ने आचार संहिता के उल्लंघन का नोटिस देते हुए एक दिन में नोटिस का जवाब देने को कहा गया है।
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने पत्र लिखकर मचाई हलचल,चुनाव लडऩे से इनकार