लखनऊ, उत्तर प्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट पर कई दशक से समाजवादी पार्टी (सपा) का कब्ज़ा रहा है। चर्चा है कि इस बार इस सीट से अखिलेश यादव चुनाव लड़ेंगे। भाजपा ने इस बार इस सीट पर बड़े उलटफेर की तैयारी शुरू कर दी है। वर्तमान में उनकी पत्नी डिंपल यादव इस सीट से लोकसभा सदस्य हैं। उल्लेखनीय है कि सन 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद डिम्पल यादव ने कन्नौज सीट पर सम्मानजनक अंतर से जीत दर्ज की थी। इस बीच चर्चा है कि इस बार डिंपल इस सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगी। इस बार अखिलेश यहां से उम्मीदवार होंगे और डिंपल उनके चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी संभांलेंगी।
कन्नौज हमेशा से समाजवादियों के दिल में बसता रहा है। भाजपा हर हाल में कन्नौज की सीट जीतना चाहती है। सन 2014 के लोकसभा चुनाव में कानपुर बुंदेलखंड की 10 लोकसभा सीटों में से भाजपा ने 09 सीटों पर भगवा लहराया था। लेकिन भाजपा कन्नौज की सीट पर भगवा लहराने में कामयाब नहीं हो सकी थी। डिम्पल यादव ने कन्नौज से सपा की यह सीट बचा ली थी। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में आए परिणाम के बाद एक बार भाजपा के अन्दर इस बात की आस फिर से जगी है कि कन्नौज की लोक सभा सीट जीती जा सकती है। इसके पीछे वजह यह है कि कन्नौज की तीन विधानसभा सीटों में से दो सीटों पर भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की है।
कन्नौज की सदर विधानसभा से सपा के अनिल दोहरे ने जीत हासिल की थी, छिबरामाऊ से भाजपा की अर्चना पाण्डेय और तिर्वा विधानसभा से भाजपा के कैलाश राजपूत ने जीत हासिल की थी। भाजपा में इसी बात को लेकर उत्साहित है कि इस बार वह कन्नौज लोकसभा सीट को जीत सकती है। सपाईयों के इस गढ़ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी जनसभा कराने की तैयारी की जा रही है। मुलायम सिंह यादव के इस बार मैनपुरी से चुनाव लड़ने की संभावना है। इस बात का ऐलान अखिलेश यादव ने पिछले ही साल किया था।
अखिलेश इस बार कन्नौज से लड़ेंगे लोकसभा चुनाव, डिम्पल संभालेंगी प्रचार की जिम्मेदारी