दिनेश कार्तिक की किस्मत अक्सर उनसे रूठ कर उनका नहीं देती है साथ

नई दिल्ली, क्रिकेट अनिश्चतता का खेल है और दिनेश कार्तिक इस हर पल साबित करते हैं। उनकी चाल-ढाल से लेकर करियर के उतार-चढ़ाव तक… सब कुछ जैसे क्रिकेट का विस्तार हों। वे जब चलते हैं तो लगता है कि किसी हड़बड़ी में हैं। अक्सर ऐसी जल्दबाजी में दिखते हैं, जैस उनकी बस छूट रही हो। फिलहाल तो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चुनी गई वनडे टीम में दिनेश कार्तिक को जगह नहीं मिली है। यह विश्व कप से पहले आखिरी वनडे सीरीज होगी। डीके के नाम से लोकप्रिय दिनेश कार्तिक को टीम इंडिया पिछले साल-डेढ़ साल से फिनिशर की भूमिका में तैयार कर रही थी। वे इस भूमिका को ठीक-ठाक अंदाज में निभा रहे थे।इसके बाद लग नहीं रहा था कि उन्हें वनडे सीरीज से ड्रॉप किया जाएगा। लेकिन चयनकर्ता उनकी जगह टीम में लोकेश राहुल को ले आए, जो महिलाओं के खिलाफ भद्दी टिप्पणी करने के बाद से टीम से बाहर थे।
दरअसल, जब हम दिनेश कार्तिक के करियर और उनके किस्सों पर नजर डालते हैं तो कई दिलचस्प किस्से और आंकड़े सामने आते हैं। यह क्रिकेटर 2004 में टीम इंडिया में एंट्री करता है। एमएस धोनी टीम में एंट्री करते हैं और कार्तिक सीन से बाहर हो जाते हैं। तमाम निराशा-हताशा के बावजूद वे अपना सफर जारी रखते हैं। तब भी जब यह कहा जाता है कि धोनी के रहते कोई विकेटकीपर टीम में जगह नहीं बना सकता। लेकिन कार्तिक तमाम हताशा को जीतकर ऐसा रिकॉर्ड बनाते हैं, जो दुनिया का कोई विकेटकीपर नहीं बना पाया। फिर दिनेश कार्तिक दुनिया के एकमात्र विकेटकीपर हैं, जो किसी विकेटकीपर (धोनी) की कप्तानी में 37 मैच बतौर बल्लेबाज हुए हैं। वैसे उन्होंने कुल 91 वनडे, 26 टेस्ट और 30 टी-20 मैच खेल हैं। वे 2007 के विश्व कप में भी टीम इंडिया का हिस्सा थे, लेकिन उन्हें मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। लेकिन वे 12 साल बाद फिर विश्व कप के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं।

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