इंदौर,भय्यू महाराज आत्महत्या केस में संदेही सेवादार विनायक दुधाले की मदद के लिए वकील, नेता और पूर्व अफसर भी इंदौर पहुंचने लगे हैं। विनायक और फूटी कोठी निवासी युवती पर महाराज को ब्लैकमेल करने व करोड़ों का गबन करने का आरोप है। पुलिस आठ दिन से विनायक और पूर्व सेवादारों से गहन पूछताछ कर रही है। उन्हें दिन भर सीएसपी अगम जैन के ऑफिस में बैठा कर रखा जाता है। रात में भी तेजाजीनगर थाने में रोक लिया जाता है। उनके खिलाफ कॉन्ट्रैक्टर, वकील, दोस्त और सेवादार बयान भी दे रहे हैं। उधर वकील राजा उर्फ निवेश बड़जात्या से पांच करोड़ की मांग करने वाला महाराज का पूर्व ड्राइवर कैलाश पाटिल जमानत पर छूट गया। पुलिस को जानकारी लगी तो उसे जिला जेल के बाहर से उठा लिया। गौरतलब है कि कैलाश ने ही विनायक, युवती, शेखर द्वारा ब्लैकमेल करने की साजिश का खुलासा किया था।
उधर, पुलिस ने युवती से पुराने मोबाइल मांगे हैं। उनकी जांच कर डेटा रिकवरी की जाएगी। भय्यू महाराज की बहन रेणु (अक्का) सांगला से और मोनू पूणे से इंदौर पहुंच गईं। दोनों को सीएसपी ने बयान के लिए बुलाया है। रेणु ने ब्लैकमेलिंग में संदेही युवती को महाराज के घर से उस वक्त बाहर निकाला था जब वह उनके घर में घुस गई थी। उस वक्त महाराज आयुषी से शादी कर रहे थे। महाराज के आत्महत्या मामले में संदेही विनायक ने महाराष्ट्र के नेताओं से फोन करवाया। वकील सम्राट को इंदौर बुला लिया। शुक्रवार को एक रिटायर्ड एसपी इंदौर स्थित सीएसपी ऑफिस पहुंच गए। उन्होंने कहा कि बगैर कार्रवाई के विनायक को पकड़ा गया है, अभी तक उसके खिलाफ सबूत नहीं हैं। वह पूछताछ में सहयोग कर रहा है। जब जरूरत होगी, पेश हो जाएगा। सीएसपी ने उसे छोड़ दिया। सीएसपी के मुताबिक, पूर्व अफसर विनायक के पिता काशीनाथ के परिचित हैं।
भय्यू महाराज के सेवादार विनायक को मदद करने के लिए नामी-गिरामी लोग पहुंचने लगे