मुंबई, प्रख्यात बालीवुड अभिनेता वरुण धवन ने कहा कि उनका झुकाव पहले लीक से हटकर कहानी वाली फिल्मों की तरफ था और वह अनुराग कश्यप के संरक्षण में मायानगरी में प्रवेश करने के लिए कुछ भी करने को तैयार थे। भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) में वरुण धवन अपने पिता फिल्म निर्माता डेविड धवन के साथ एक सेशन ‘धा-वन’ में बोल रहे थे। इसका संचालन लेखक रूमी जाफरी कर रहे थे। इस सेशन में ‘बदलापुर’ के निर्देशक श्रीराम राघवन और आईएफएफआई इंडियन पैनोरमा के अध्यक्ष राहुल रवैल भी मौजूद थे। धवन ने कहा प्रारंभ में मेरा झुकाव यथास्थिति को तोड़ने वाले सिनेमा की तरफ था। मुझे ‘ब्लैक फ्राइडे’ काफी पसंद आई थी। श्रीराम की फिल्मों की तरफ मेरा झुकाव था। संभवत: मैं अनुराग कश्यप के हाथों बॉलीवुड में आने को तैयार हो जाता।
वरुण धवन ने कहा, जब उन्होंने अपने पिता को ‘बदलापुर’ के बारे में बताया था तो उन्होंने इसे नकारात्मक रूप में लिया था। डेविड धवन ने कहा मैंने देखा कि वरुण ने किरदार के लिए दाढ़ी बढ़ा ली थी और उसने हंसना भी छोड़ दिया था। वह करीब 20 दिनों से बात नहीं कर रहा था। मैंने इस पर अपनी पत्नी से पूछा था कि वह अपनी दाढ़ी कब कटाएगा। मैंने सोचा था कि फिल्म अच्छी ही बनेगी। वरुण धवन ने यह भी खुलासा किया कि वह ‘बदलापुर’ करने के बाद भावनात्मक रूप से परेशान चल रहे थे और एक मनौवैज्ञानिक के पास भी गए थे।
अभिनेता ने मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देते हुए कहा कि अपने मन के बारे में बात करने में कुछ भी गलत नहीं है। इस दौरान वरुण धवन ने यह भी बताया कि बचपन में वह खुद का एक टीवी चैनल भी लाना चाहते थे। उस टीवी चैनल पर अपना टॉक शो भी होस्ट करना चाहते थे।
जब ‘बदलापुर’ करने से परेशान होकर वरुण ने ली मनौवैज्ञानिक की मदद