भोपाल,प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और बुधनी से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ पार्टी उम्मीदवार अरुण यादव ने बुधनी में ही बुनियादी सुविधाओं के अभाव होने का आरोप लगाया है। यादव ने गुरुवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जब वह बुधनी से चुनाव लड़ने गए, तो उनके दिमाग में एक बात थी कि शिवराज 15 साल से मुख्यमंत्री हैं, इसलिए इस इलाके की तस्वीर बदली हुई होगी। मगर जब वहां पहुंचे तो जो सोचा था, उसके उलट हालात मिले। सड़कें नहीं हैं, रास्तों पर कीचड़ भरा पड़ा है, लोग पानी के लिए तरस रहे हैं।
यादव ने आरोप लगाया कि बुधनी क्षेत्र में युवा बेरोजगार हैं, मुख्यमंत्री ने दो उद्योगों के लिए किसानों की हजारों एकड़ जमीन छुड़वा दी, किसानों को उसका मुआवजा नहीं मिला, साथ ही स्थानीय युवाओं की उपेक्षा कर बाहरी लोगों को रोजगार दे दिया गया। यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री की पत्नी और परिवार के सदस्यों को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है, जगह-जगह उनका विरोध हो रहा है। वहीं कांग्रेस को भारी जनसमर्थन मिल रहा है, इस चुनाव में कांग्रेस की जीत तय है। यादव ने दावा किया, `मैं जहां भी जा रहा हूं, मुझे मतदाताओं का भारी समर्थन मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने विकास नहीं किया, यह साफ नजर आ रहा है। लोगों में गुस्सा है, वे बदलाव चाह रहे हैं।`
बुधनी संवेदनशील घोषित हो
इधर, प्रदेश कांग्रेस ने चुनाव आयोग में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान के विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय दबंगों के माध्यम से संभावित व्यापक बूथ कैप्चरिंग की शिकायत की है। प्रदेश प्रवक्ता और चुनाव प्रभारी जे.पी. धनोपिया ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी.एल.कांताराव से आग्रह किया है कि बुधनी विधानसभा क्षेत्र को अति संवेदनशील घोषित किया जाये। क्योंकि इस प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में शिवराजसिंह को हार का डर है।
धनोपिया ने शिकायती पत्र में पिछले चुनाव के समय उन 63 मतदान केंद्रों की सूची सौंपी है, जहां शिवराज सिंह चैहान को एकतरफा वोट मिले थे। अन्य दलों के प्रत्याशियों को केवल 15-20 मत ही मिले थे। इसकी विस्तृत जांच की मांग की है। मांग की है कि सभी मतदान केंद्रों पर विशेष रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाये जायें और वीडियो रिकार्डिंग भी करायी जाये। शिवराज सिंह के पक्ष में कोई वातावरण नहीं है, इसलिये विधानसभा क्षेत्र के लिये विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाये। मतदान के दो दिन पहले केंद्रीय पुलिस फोर्स के जवानों को तैनात कर उनकी परेड करवाई जाये, जिससे अशांति फैलाने वाले तत्वों को पुलिस का भय रहे। बुधनी विधानसभा क्षेत्र में पदस्थ किसी भी शासकीय अधिकारी, कर्मचारी को चुनाव कार्य के लिये ड्यूटी न लगायी जाये।