जोधपुर,रविवार को जोधपुर पुलिस स्टेशन में चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) दिव्या चौधरी ने जहर खा लिया। इस मामले के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। दरअसल दिव्या स्थानीय पंचायत के फैसले के खिलाफ पुलिस स्टेशन पहुंची थी। पंचायत द्वारा बचपन के मंगेतर से शादी करने के लिए कहने पर वह स्टेशन शिकायत के लिए गई थी। दिव्या के परिवार वालों का आरोप है कि पूरे मामले में पुलिस का रवैया काफी निराशाजनक रहा। तीन बार पुलिस कमिश्नर ऑफिस के चक्कर लगाने के बाद दिव्या के बचपन के मंगेतर जीवराज और उसके परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। परंतु मामला दर्ज करने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जानकारी के अनुसार 3 साल की उम्र में तय हुआ यह रिश्ता दिव्या को मंजूर नहीं था। वह आगे की और पढ़ाई करना चाहती थी। परंतु जीवराज के परिवार द्वारा दिव्या के परिवार पर लगातार दबाव बनाने के बाद यह मामला अंततः पंचायत तक पहुंच गया।
जिसके बाद दिव्या के परिवार पर पंचायत में 16 लाख रुपए का जुर्माना लगाया, जिसे उन्होंने चुपचाप चुका भी दिया। बाद में शिकायत लेकर पुलिस स्टेशनपहुंचने पर पंचायत ने दिव्या के परिवार पर 20 लाख रुपए का और जुर्माना लगा दिया। इसके अलावा केस वापसी और सार्वजनिक माफी की भी शर्त रखी गई। यहीं नहीं पंचायत में ऐसा ना करने की स्थिति में समुदाय से बेदखल तक करने की धमकी दे डाली। जिस पर दिव्या ने अपनी शिकायत में सरपंच और जोधपुर जिला प्रमुख के पिता सहित पांच लोगों को केस में नामजद कराया। परंतु हालात सुधरने की बजाय बिगड़ते चले गए और अंत में रविवार को तंग आकर दिव्या ने पुलिस स्टेशन में पुलिस और परिवार के सामने जहर खा लिया। पूरे मामले में डीसीपी ईस्ट दीप सिंह ने बताया कि उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां वह खतरे से बाहर है। साथ ही मामले की जांच डीएसपी रैंक के एक अधिकारी को सौंप दी गई है।
3 साल की उम्र में तय हुए रिश्ते से इंकार करने पर लगा 36 लाख जुर्माना