जबलपुर,शहर में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। डेंगू से रविवार को 12 साल के बच्चे ने दम तोड़ दिया। जिसके बाद गुस्साए परिजनों और मोहल्लावासियों ने थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। करीब एक घंटे तक थाने मे गहमागहमी का माहौल रहा। परिजनों का आरोप है कि मोहल्ले में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नालियां बजबजा रही हैं। इसके बाद भी नगर निगम ने न तो सफाई व्यवस्था पुख्ता की है और न ही दवाओं का छिड़काव किया गया है।
जानकारी के अनुसार हनुमानताल वार्ड अंतर्गत बरहाई चौक निवासी मेहुल अग्रवाल की रविवार को डेंगू से मौत हो गई। बच्चे की मौत की खबर लगते ही आस पड़ोस के लोग एकत्रित हो गए। सभी लोग कोतवाली थाने पहुंच गए। लोगों ने नगर निगम की लापरवाही मानाते हुए केस दर्ज करने की मांग की। करीब एक घंटे तक थाने में गहमागहमी का माहौल बना रहा। पुलिस की समझाईश के बाद मामला शांत हुआ।
ऐसे हुई मौत
12वर्षीय मेहुल के पिता विनीत अग्रवाल और मां प्रीति ने बताया कि कुछ दिनों पहले उनके बेटे को बुखार आया था। वायरल बुखार समझकर उन्होंने उसका इलाज भी कराया। लेकिन बेटे की तबियत ठीक नहीं हुई। इसके बाद बच्चे को ओमेगा अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसका डेंगू टेस्ट पॉजीटिव आया। मेहुल की प्लेटलेट्स कम होने के चलते उसे डॉ जेटली के यहां भर्ती किया गया। जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
ये लगाया आरोप
कोतवाली थाने में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि लगातार डेंगू के पेशेंट सामने आने के बाद भी नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने कुछ नहीं किया। जिसके चलते लगातार लोगों की मौत होती जा रही है। हनुमानताल वार्ड में सफाई व्यवस्था चौपट है। नालियां बजबजा रही हैं। न तो फागिंग मशीन का उपयोग किया गया और न ही दवा का छिड़काव किया गया है। प्रदर्शन करने वालों में विनय अग्रवाल, अभय सोनी, रंजीत राठौर, पप्पू अग्रवाल, मोनू नामदेव आदि उपस्थित रहे।
12 साल के बच्चे की डेंगू से मौत के बाद थाने में हंगामा