नई दिल्ली,मीटू कैंपेन के तहत यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने अपनी सफाई देने के बाद आगे की लड़ाई शुरू कर दी है। अकबर पर आरोप लगाने वाली एक पत्रकार प्रिया रमानी पर उन्होंने मानहानि का केस किया है। अकबर ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में अपने वकीलों के माध्यम से यह केस किया।
बता दें कि एमजे अकबर पर कई महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इसके बाद विपक्षी दल जोर-शोर से उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। फिर रविवार को अकबर ने खुद सामने आकर सफाई दी थी। इस्तीफे की मांग को नजरअंदाज करते हुए विदेश राज्यमंत्री एम.जे. अकबर ने कहा था कि उनके खिलाफ आरोप झूठे और निराधार हैं। उन्होंने आरोप लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी कही थी। देश में ‘मीटू आंदोलन के जोर पकड़ते ही करीब एक दर्जन महिला पत्रकारों ने अकबर पर यौन उत्पीड़न और छेड़खानी के आरोप लगाए हैं। नाइजीरिया के आधिकारिक दौरे से लौटने पर अकबर ने आरोपों को बकवास बताते हुए कहा था, ‘कुछ हिस्सों को सबूत के बिना आरोप लगाने का संक्रामक बुखार हो गया है। अखबार की पूर्व संपादक प्रिया रमानी ने सबसे पहले अकबर पर इल्जाम लगाया था। फिर अकबर ने अपने बयान में रमानी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था, प्रिया रमानी ने अपना अभियान एक साल पहले एक पत्रिका के आलेख के साथ शुरू किया था। हालांकि उन्होंने मेरा नाम नहीं लिया था, क्योंकि वह जानती थीं कि वह झूठी कहानी है। जब हाल ही में उनसे पूछा गया कि उन्होंने मेरा नाम क्यों नहीं लिया तो उन्होंने एक ट्वीट में जवाब दिया, उनका नाम कभी नहीं लिया, क्योंकि उन्होंने कुछ नहीं किया’ अगर मैंने कुछ नहीं किया तो फिर कहां और कौन सी कहानी है? बता दें कि प्रिया रमानी ने एक साल पहले आलेख लिखा था और अब उन्होंने मीटू कैंपेन में अकबर का नाम लिया है। अकबर ने कहा, ‘कोई कहानी नहीं है, बल्कि संकेत, कल्पना और अपमानजनक आक्षेप उस बात को लेकर लगाए जा रहे हैं जो कभी हुई ही नहीं है। कुछ तो बिल्कुल सुनी सुनाई अफवाहें हैं, जबकि अन्य खुले आम इस बात की पुष्टि कर रहीं हैं कि मैंने कुछ नहीं किया।’
केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने पत्रकार प्रिया रमानी पर किया मानहानि का केस