ग्वालियर में सत्याग्रहियों से मिले शिवराज,हर व्यक्ति को जमीन का टुकड़ा देने की घोषणा

ग्वालियर,मध्यप्रदेश के ग्वालियर में चल रहे एकता परिषद के नेतृत्व में भूमिहीनों के चल रहे सत्याग्रह आंदोलन स्थल पर आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहुंचकर हर व्यक्ति को जमीन का टुकड़ा देने की घोषणा कर दी। मुख्यमंत्री सत्याग्रहियों से मिले, और उन्हें मनाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने ऐसा करके कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के हाथों से यह मुद्दा छीनने का प्रयास किया। कांग्रेस ने 6 अक्तूबर को राहुल गांधी को सत्याग्रहियों से मिलाने का समय तय किया है।
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अब भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने सतर्क होकर एक-दूसरे से मुद्दा छीनने का काम तेज कर दिया है। इसके चलते ग्वालियर में एकता परिषद के नेतृत्व में भूमिहीनों के चल रहे सत्याग्रह भी राजनीति का केन्द्र बन गया। यहां पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को मध्यप्रदेश दौरे के दौरान 6 अक्तूबर को एकता परिषद के एक कार्यक्रम में मुरैना पहुंचना था। राहुल गांधी का कार्यक्रम दोपहर को 12 जाने का था। इस बात की जानकारी जब मुख्यमंत्री को लगी, तो वे आज ही ग्वालियर प्रवास के दौरान सत्याग्रहियों के बीच पहुंच गए। मंच से यह घोषणा कर दी, कि प्रत्येक व्यक्ति को वे जमीन का टुकड़ा देंगे, कोई भी भूमिहीन नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने मंच से कहा कि जमीन, जल और हवा पर सबका अधिकार है। कुछ बुद्धिमानों और ताकतवरों ने इस पर अधिकार कर लिया है। कोई लड़ रहा है अंधियारे में और कोई बंधे है सूरज से, आप भी लड़ रहे हो, और मुख्यमंत्री होकर मैं भी लड़ रहा हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने मध्यप्रदेश में भूमि सुधार कानून बनाया। मैं एक प्रतिज्ञा करता हूं कि प्रत्येक व्यक्ति के पास जमीन का टुकड़ा होगा, भूमिहीन कोई नहीं रहेगा।
ग्वालियर में चल रहे सत्याग्रह के दौरान एकता परिषद के संस्थापक पी.वी. राजगोपाल ने चेतावनी दी थी, कि अगर केन्द्र सरकार ने हमारी मांगे नहीं मानी तो 2019 में परिणाम भुगतने को तैयार रहे। साथ ही गांधी जयंती के अवसर पर गांधीवादी विचारक डा. एस.एन. सुब्बाराव ने मोदी सरकार पर प्रहार करते हुए कहा था कि हर पार्टी के नेता गांधीजी के समाधी पर पुष्प अर्पित करते हैं, लेकिन कोई भी उनके सिद्धांतों, विचारों को नहीं अपनाता है। उन्होंने मोदी सरकार को चेतावनी दी कि अगर जमीन सहित सत्याग्रहियों की मांगों को पूरा नहीं किया तो अगली सरकार भाजपा की नहीं होगी। इसके अलावा सत्याग्रहियों ने 4 अक्तूबर को दिल्ली कूच की घोषणा की थी। इसके चलते आज मुख्यमंत्री को सत्याग्रहियों के बीच जाकर उनकी बात सुननी पड़ी।

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