पांढुर्णा,शहर के 100 बिस्तर के बड़े सिविल अस्पताल की बद इंतजामी के कारण गर्भ में सिजेरियन ऑपरेशन के अभाव में हुई शिशु की मौत मामले में कलेक्टर वेद प्रकाश ने मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए थे। सौंसर एसडीएम हिमांशुचन्द्र को जांच सौंपी गई है। सोमवार को एएसआई रघुवंशी ने तीन नर्सों रोशनी पवार, पूनम घुड़की एवं कामिनी हुनकारे के ब्यान दर्ज किए है। जिसमें मिली जानकारी के अनुसार तीनों ने बार-बार कहने के बावजूद महिला डॉक्टर श्रीमती छाया चौहान को फोन न करने की बात भी कबूल की है। एसडीएम अभिलाष मिश्रा को सूचित करने और उनके आने के बाद डॉक्टर के आने के बाद डिलीवरी कराने पर शिशु की गर्भ में मौत होने की बात सामने आई थी। तथ्य यह भी सामने आया है कि गर्भवती का प्राथमिक उपचार शिवानी क्लीनिक में चल रहा था। सोनोग्राफी रिपोर्ट के मुताबिक शिशु स्वस्थ्य था और उसका वजन 3किलो था। लेकिन समय पर उपचार के अभाव में गर्भ में मौत होने पर वजन 1किलो 700ग्रा. ही रह गया था। 22सितंबर को 12 बजे प्रसूता को भर्ती किया गया। लगातार डॉक्टर को बुलाकर सीजर ऑपरेशन करने की मांग करने के बावजूद डॉक्टर को नही बुलाया, रात भर दर्द सहती महिला को नर्सों ने असध्य दर्द होने के बावजूद यह कहकर चुप करा दिया कि दर्द महिला को नही तो क्या आदमी को होगा। 23 सितंबर को जब डिलीवरी कराई गई बच्चे की मौत हो चुकी थी।
गर्भ में बच्चे की मौत मामले की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश