भोपाल,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि कांग्रेस जनहित में जो भी संकल्प लेती है, शिवराजसिंह उसके पीछे-पीछे चलने लगते हैं। कांग्रेस के संकल्प व वचन को आधार बनाकर वे तत्काल घोषणा पर घोषणा करते जाते हैं। गो-मंत्रालय और राम वन गमन पथ के लिये सौ करोड़ की घोषणा इसके ताजा उदाहरण हैं। लेकिन मध्यप्रदेश की जनता अपने घोषणावीर मुख्यमंत्री को भली-भांति जानती है कि वे घोषणा की मशीन हैं। उनकी घोषणाऐं कभी पूरी नहीं होती हैं।
कमलनाथ ने कहा कि आनंद मंत्रालय बनाने वाली 15 साल पुरानी भाजपा की शिवराज सरकार को अब चुनाव के दो महीने पहले गो-माता की याद आ रही है। जिस सरकार ने 15 वर्ष गो-माता की चिंता नहीं की, सड़कों पर तड़पकर मरने के लिए छोड़ दिया, उसे आज अपने दो माह के अंतिम कार्यकाल में गो-माता की चिंता सता रही है। कांग्रेस ने जैसे ही संकल्प लिया कि सरकार बनने पर हर पंचायत में गो-शालाएं खोली जायेंगी, वैसे ही शिवराजसिंह अब गो-मंत्रालय बनाने की बात करने लगे। कहते हैं कि गो अभ्यारण बनायेंगे, गो-शालाएं खोली जायेंगी। बड़े जोर-शोर से उन्होंने प्रचार किया था कि देश का पहला कामधेनु गो-अभ्यारण आगर जिले में खोला है। यह अभ्यारण पैसों की कमी से जूझ रहा है। गो-सेवा के नाम पर खोला गया अभ्यारण गायों की मौत का कब्रगाह बन चुका है। सैकड़ों गायें अव्यवस्थाओं, चारे की कमी व मिलावट के कारण इस अभ्यारण के अंदर मौत के आगोश में समा चुकी हैं।
खुद गो-संरक्षण बोर्ड के अध्यक्ष विगत् 12 अगस्त को दमोह में बयान दे चुके हैं कि दो लाख गो-वंश शिवराज सरकार में सड़कों पर घूम रहा है व वाहनों का शिकार हो रहा है। यह सच्चाई है आज भी हजारों गो-वंश सड़कों पर घूमकर, प्रतिदिन वाहनों का शिकार हो रहा है। गायों की असमय मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।
कमलनाथ ने कहा कि इसी तरह शिवराजसिंह ने 11 साल पहले 2007 में राम वन गमन पथ के विकास की घोषणा की थी। ग्यारह वर्ष तक अपनी घोषणा भूली शिवराज सरकार, कांग्रेस के इस पथ के निर्माण की घोषणा के बाद ताबड़तोड़ हरकत में आयी। घोषणा के बाद दो वर्ष तक केवल एक हजार रूपये का बजट में प्रावधान शिवराज सरकार ने इस पथ के लिए किया।
शिवराज कांग्रेस के पिछलग्गू,जो भी संकल्प व वचन लेते हैं उसके पीछे-पीछे चलने लगते हैं