भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि टिकट वितरण के तीन आधार हैं, परफारमेंस, सर्वे और लोगों द्वारा दिया गया नंबर वन। उन्होंने कहा कि टिकट के लिए संगठन के अलावा उन पर लोग व्यक्तिगत रुप से मिलकर दबाव बनाते हैं, मगर टिकट संगठन के फार्मूले पर ही दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने यह बात आज राजधानी में राजनीतिक कलार महासम्मेलन में अपने संबोधन में कही। महासम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि टिकट के लिए कई आधार होते हैं। इनमें परफारमेंस, सर्वे और जितने लोगों का नंबर वन होगा उनको ही टिकट मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के समय टिकट के दावेदारों की संख्या बढ़ जाती है। आजकाल तो मिलने वालों में ज्यादातर टिकट के दावेदार ही होते हैं। उन्होंने कहा कि टिकट तो संगठन के फार्मूले पर दिया जाता है। अगर गलत व्यक्ति को टिकट दिया तो हार तो मिलती ही है, साथ ही पार्टी की साख भी चली जाती है।
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के विकास और उद्योग-धंधों को बढ़ावा देने में कलार समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आप बच्चों को स्वरोजगार और उद्यम के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि बड़ी सफलता की शुरूआत हमेशा छोटे से ही होती है। इसी मंत्र को हमें आत्मसात करते हुए आगे बढ़ना है। मैंने भी सिर्फ एक मित्र के साथ अपनी पहली यात्रा शुरू की, लेकिन जब समापन हुआ तो 7 हजार लोग मौजूद थे और मुझे सुन रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा मानना है कि कलार समाज एक समिति गठित करे जो बच्चों, विद्यार्थियों और युवाओं की शिक्षा व उद्यम के लिए बनी शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रेरित करे और जरूरतमंद को सहायता प्रदान करे।
चुनावी गहमागहमी पर शिवराज बोले टिकट वितरण के तीन ही आधार