भोपाल,मध्यप्रदेश में बहुचर्चित व्यापम मामला अब फिर गर्माने लगा है,दिग्विजय द्वारा इस मामले को फिर से निचली अदालत में ले जाने के बाद मामले की पैरवी करने राजधानी आये सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने पुलिस और CBI पर सीएम को बचाने का आरोप लगाया है.
उन्होंने कहा की इस मामले में पर्याप्त सबूत हैं जिनसे ये साफ़ हो जायेगा एमपी के व्यापम घोटाले की जद में यहाँ के सीएम ही हैं. उन्होंने कहा सिर्फ यहां के सीएम को बचाने हार्ड डिस्क मे छेडछाड की गई है। गौरतलब है पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की ओर से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और इंदौर क्राइम ब्रांच के अफसर समेत 18 लोगों के खिलाफ जिला अदालत में परिवाद दाखिल किया गया है। मामले की पैरवी करने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल भोपाल अदालत पहुंचे। इसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, कपिल सिब्बल और विवेक तनखा ने संक्युक्त प्रेस वार्ता करते हुए सीएम शिवराज पर बड़े आरोप लगाए। मामले मे दिग्विजय सिंह ने व्यापमं मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती समेत घोटाले की जांच से जुड़े अधिकारियों पर एक्सल सीट पर छेड़छाड़ को लेकर 27000 पेज का परिवाद दायर किया है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस नेताओं ने पत्रकारवार्ता को संयुक्त रूप से संबोधित किया। इस दोरान कपिल सिब्बल ने कहा हार्ड डिस्क की लिस्ट मे सिफारिश करने मे 48 बार सीएम का उल्लेख था। 17 जुलाई 13 को इन्दौर पुलिस ने पकङी लेकिन 18 जुलाई को भोपाल में पकङना बताया, उसी समय प्रशान्त पान्डे के पास हार्डडिस्क को डाउनलोड कराने इंदौर ले गए थे। डेटा केवल प्रशान्त ने लगाकर 4.20 बजे अपने कम्प्यूटर मे भी डाटा ले लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सीएम का नाम हटा दिया, उनका आरोप है कि हैश वैल्यू मे पुलिस ने चेन्ज कर दिया। उन्होंने यह भी बताया प्रशान्त हमारे पास डाटा लेकर आये और बंगलौर की ट्रुथ लैब मे जांच में डाटा सही पाया गया। सिब्बल ने आगे कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट तक मे याचिका डालकर सीबीआई जाच की माग की। उनका आरोप है कि सीबीआई ने भी कुछ नही किया। सीएफएसएल हैदराबाद 23 दिसंबर को सीबीआई को रिपोर्ट मिली लेकिन सीबीआई ने नवंबर मे ही सुप्रीम कोर्ट मे कह दिया कि प्रशान्त के ऑकङे गलत है, इसलिये हमे ये परिवाद दाखिल करना पड़ा। दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री उमा भारती सहित 18 लोगों के खिलाफ व्यापमं मामले में संलिप्तता को लेकर आपराधिक परिवाद पेश किया है। परिवाद के साथ 37 दस्तावेज संबंधी जानकारी, दो पेन ड्राइव और सीबीआई द्वारा व्यापमं मामले में 2700 पन्नों के आरोप पत्र की सीडी पेश की गई है। परिवाद में आरोप है कि व्यापमं द्वारा आयोजित संविदा शिक्षक वर्ग-दो एवं वर्ग-तीन की घोटाले मामले की जांच के दौरान इंदौर पुलिस द्वारा आरोपित नितिन महिंद्रा से 18 जुलाई 2013 को जब्त कंप्यूटर हार्ड डिस्क व एक्सल शीट में सीएम लिखा हुआ था एवं मामले में केंद्रीय मंत्री उमा भारती का नाम उल्लेख था। इस संबंध में व्हिसल ब्लोअर प्रशांत पांडे ने 18 मई 2015 की बेंगलुरु स्थित ट्रुथ लैब की रिपोर्ट पेश की थी लेकिन पुलिस ने जान बूझकर सीएम शिवराज का नाम हटाकर हैदराबाद की लैब की रिपोर्ट पेश की है। पत्रकार वार्ता के दोरान पीसीसी मे मौजूद कमलनाथ ने कहा कि व्यापम घोटाले मे एक्सल शीट मे छेडछाड करने वाले जल्द ही बेनकाब होंगे और असली गुनहगारो पर शिंकजा कसेगा। पीसीसी चीफ ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने इस घोटाले के असली गुनहगारो को बेनकात करने के लिये सडक से लेकर सदन ओर कोर्ट तक कि लडाईया लडी है, और जब तक दोषियो को सजा नही मिल जाती कांग्रेस कि यहा लडाई जारी रहेगी।
व्यापम महाघोटाले की हार्ड डिस्क 48 जगह CM का उल्लेख था,पर उन्हें बचाने छेडछाड की गई