नई दिल्ली,वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि रुपये की गिरती कीमत से भारत जैसी अर्थव्यवस्था को इतनी जल्दी घबराने की जरूरत नहीं है। जेटली ने बताया कि गिरते रुपये के पीछे कोई घरेलू नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय कारण हैं।
कैबिनेट मीटिंग के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा, ‘अगर आप अंतरराष्ट्रीय या घरेलू स्तर पर देखेंगे तो रुपये के गिरने के पीछे कोई घरेलू वजह नही है। सभी वजहें अंतरराष्ट्रीय हैं।’ जेटली ने आगे कहा, ‘हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि डॉलर के मुकाबले सभी करंसी टूटी हैं। हालांकि, उस वक्त में भी रुपया या तो कम गिरा या फिर स्थिर बना रहा।’ मजबूत होते डॉलर के पीछे वित्त मंत्री जेटली ने यूएस की मजबूत पॉलिसी को कारण बताया। जेटली ने आगे कहा कि सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को इतनी जल्दी घबराने की जरूरत नहीं है।
वहीं राफेल पर सवाल पूछे जाने पर जेटली ने कहा कि कांग्रेस और उनके अध्यक्ष राहुल गांधी के पास जानकारी का आभाव है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस वक्त भारत को मिल रहे राफेल विमान की कीमत कांग्रेस के समय में हुए सौदे से 9 प्रतिशत कम है वहीं अगर उसे फाइटर जेट की तकनीक के साथ देखा जाए तो भी वह आज के करंसी वैरिएशन, इतने सालों के गैप के बाद भी 20 प्रतिशत सस्ता है।
गिरते रुपये पर बोले अरुण जेटली सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था, न हों परेशान