नई दिल्ली,देश के 21 सरकारी बैंकों में सिर्फ 2 बैंक वर्ष 2017- 18 में मुनाफे में रहे हैं। शेष अन्य 19 सरकारी बैंक घाटे में हैं।19 बैंकों का संयुक्त घाटा 85370 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है।
वर्ष 2016 -17 में 21 में से 9 बैंक घाटे में थे वहीं 2015- 16 में 13 बैंक घाटे में थे। सरकार ने संसद में जो आंकड़े पेश किए हैं। उसके अनुसार 2009- 10 के बाद से एनपीए बढ़ना शुरू हुआ। उसके बाद से बैंकों का मुनाफा कम होता चला गया। 2010 में सरकारी क्षेत्र के 26 बैंक थे। विलय के बाद 21 बैंक रह गए हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट का हाल ही में जो फैसला आया है। उससे जिन कंपनियों के ऊपर 2000 करोड रुपए से ऊपर का कर्ज बाकी था, उनको नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के द्वारा दिवालिया घोषित किया जाना था। किंतु हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि वह इस मामले में सहानुभूति पूर्वक विचार करे। यदि बैंकों की वसूली ठीक तरह से नहीं हुई, तो जल्द ही बैंकों को अपना अस्तित्व बचाए रख पाना मुश्किल होगा।
21 सरकारी बैंकों में 2 बैंक मुनाफे में 19 घाटे में