लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश पर्यटन की दृष्टि से अत्यन्त समृद्ध राज्य है, परन्तु अभी तक इसकी पूर्ण क्षमता का दोहन नहीं हो पाया है। वर्तमान राज्य सरकार उत्तर प्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान दिलाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटन के लिए बेहतर अवस्थापना सुविधाओं और सम्पर्क मार्गो की आवश्यकता होती है, जिसके लिए वर्तमान सरकार तेजी से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि दिसम्बर के दूसरे हफ्ते में 192 देशों के राजदूत और हाई कमीशन से जुड़े लोगों को प्रयागराज (इलाहाबाद) दिखाने के लिए बुलाया जाएगा। राज्य सरकार निमंत्रण पत्र भेज रही है। उन्होंने कहा कि कुम्भ में लोगों की सहभागिता बढ़ाने के लिए प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन भी इस बीच किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को यहां उप्र पर्यटन विभाग तथा फिक्की के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश ट्रैवल मार्ट-2018’ के उद्घाटन किया। अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की प्राचीनतम संस्कृति है। ऐसे में, भारत को विश्व पर्यटन के मानचित्र में प्रमुखता के साथ स्थापित किया जाना आवश्यक है। इस प्रयास में उत्तर प्रदेश की प्रमुख भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक महत्व के अनेक आकर्षक पर्यटन स्थल हैं, जहां पर पर्यटकों का आना-जाना लगातार बना रहता है। प्रदेश में अनेक वन्य जीव अभ्यारण्य मौजूद हैं, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भी पर्यटन की असीम सम्भावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन बढ़ाने के लिए सबसे ज्यादा सुरक्षा और आवागमन चाहिए होती है और आज देश में सबसे ज्यादा सुरक्षित यूपी है। वहीं प्रदेश के कई शहर वायु सेवा से जुड़े हैं। वहीं बरेली, मुरादाबाद अलीगढ़ आजमगढ़ भी वायुसेवा से जल्द ही जुड़ जाएंगे। वहीं प्रदेश में एक्सप्रेस वे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में जनवरी से मार्च के प्रथम सप्ताह तक सम्पन्न होने वाले विश्व के इस विशालतम आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक समागम में करीब 12 करोड़ लोगों के आने की सम्भावना है। साथ ही 20 से 23 जनवरी, 2019 के दौरान वाराणसी में प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें करीब 6000 प्रवासी भारतीय प्रतिभाग करेंगे। इनके माध्यम से विश्व में उत्तर प्रदेश के पर्यटन को एक पहचान मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि पर्यटन के लिए सबसे आवश्यक तत्व आवागमन की बेहतर सुविधायें है। जेवर में स्थापित किए जा रहे अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से पर्यटकों को काफी सुविधा होगी, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा कुशीनगर में भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा बनाने का काम किया जा रहा है। पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रदेश के प्रमुख शहरों को हवाई सेवाओं से जोड़ने की दिशा में भी कार्य चल रहा है। वाराणसी, इलाहाबाद, गो गोरखपुर और कानपुर प्रदेश व देश की राजधानी से पहले से ही वायु मार्ग से जुड़े हुए हैं। आने वाले समय में बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़ और आजमगढ़ जैसे जनपदों को भी इससे जोड़ा जाएगा।
192 देशों के राजदूत करेंगे इलाहाबाद का भ्रमण-योगी