भोपाल, बिहार के मुजफ्फरपुर और उत्तर प्रदेश के देवरिया में स्थित शेल्टर होम का भयावह सच सामने आने से जहां पूरा देश चकित है, वहीं ठीक इसी तरह का मामला अब मध्य प्रदेश में सामने आया है। भोपाल के अवधपुरी इलाके में स्तिथ मूक-बधिर बच्चों की हॉस्टल में शर्मनाक कृत्य हुए हैं, यहां रहने वाली एक बच्ची हॉस्टल संचालक की शिकार हुई है, पीडि़त बच्ची धार जिले की रहने वाली है और उसने अपने साथ हुए अपराध की जानकारी अपने माता-पिता को दी। जांच में पता चला है कि ये बच्ची यहां तीन साल से रह रही है और आरोपी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। वहीं कांग्रेस ने इस मामले में प्रदेश सरकार को घेरते हुए सभी हॉस्टलों की जांच कराने की मांग की है।
गुरुवार को कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने पत्रकार वार्ता करते हुए कि इस घटना के सामने आने से कहा जा सकता है, बेटियां सुरक्षित नहीं है। पूरे प्रदेश में ऐसे मामले सामने आ सकते हैं, इसलिए प्रदेश के सभी शेल्टर होम, बालिका गृह, होस्टल्स की जांच की जाना बहुत जरुरी है ताकि मासूम बेटियों के साथ ज्यादती करने वालों को बेनकाब किया जा सके।
शोभा ओझा ने कहा यह एनजीओ अश्विनी शर्मा नामक व्यक्ति चलाता है। यह शेल्टर होम सामाजिक न्याय एवं कल्याण विभाग के अनुदान पर चल रहा था। इसी शेल्टर होम की दो बालिकाओं ने होस्टल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। धार में ज़ीरो पर कायमी हुई है, मुखबधिर बच्चियों ने आरोपियों को भी पहचान लिया है, ओझा का दावा है कि सरकार की ओर से इस एनजीओ को भी सामाजिक अनुदान मिलता है। इस कारण पुलिस ने भी जांच में सहयोग नहीं किया। उन्होंने कहा मुजफ्फरपुर जैसे कई मामले मप्र में भी है जहां बच्चियों को डरा धमकाकर शोषण किया जा रहा है, मप्र में योन शोषण के मामले बढ़ रहे है। सरकारी अनुदान प्राप्त संस्थानों की जाँच होना चाहिए.
देवरिया,मुजफ्फरपुर के बाद अब भोपाल के शेल्टर होम में दरिंदगी