नई दिल्ली,रेलवे ने सभी ज़ोनों को ट्रेनों को देर से चलने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए फर्स्ट कम फर्स्ट गो यानि पहले आओ पहले जाओ के आधार पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इसका अर्थ यह हुआ कि यदि आनंद विहार स्टेशन से पांच गरीब रथ ट्रेनें चलती हैं। इन सभी ट्रेनों में कोच की संख्या और अन्य सुविधाएं एक समान हैं। ऐसे में यदि कोई ट्रेन पहले पहुंचती है, तो इसे उस गरीब रथ के नाम से वापस भेजा जाए, जिसकी वापसी का समय सबसे पहले हो। इस तरह की कवायद से ट्रेनों को लेट होने से बचाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि अगर कोई ट्रेन पांच घंटे लेट पहुँची हो तो उसे वापस पांच घंटे लेट भेजने की जगह जल्द से जल्द रवाना किया जाए, ताकि बार-बार ट्रेनें लेट नहीं हों।
दरअसल ट्रेनों के लगातार लेट चलने से हो रही किरकिरी की वजह रेलवे काफ़ी परेशान है। इस मुद्दे को लेकर बार-बार बैठकों का दौर भी जारी है। ट्रेनों की पंचुअलिटी पर भी एक बैठक बुलाई गई इसमें रेल बोर्ड के मेंबर ट्रैफिक के अलावा 5 जोन के मुख्य परिचालन प्रबंधक यानी सीओएम और सीपीटीएम शामिल हुए। ये वही ज़ोन हैं, जहां की पंचुअलिटी सबसे ख़राब है। इनमें नार्दर्न रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर पूर्व रेलवे, पूर्व मध्य रेलवे और पूर्व रेलवे शामिल हैं। रेलवे की इस कोशिश के नतीजे भी दिखाई देने शुरु हुए हैं। एक माह पहले जहां महज़ 60-62 फीसदी ट्रेनें समय पर चल रही थीं, वहीं आज 72 फीसदी ट्रेनें समय पर चल रही हैं।