शिक्षकों के भर्ती नियम जारी, बना अलग से कैडर,ढाई लाख अध्यापकों की संविलियन प्रक्रिया शुरु

भोपाल,प्रदेश के ढाई लाख अध्यापकों की स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।इसके लिए विभाग ने भर्ती नियम जारी कर दिए हैं। नियमों के तहत अध्यापकों का संविलियन स्कूल शिक्षा विभाग में होगा, लेकिन उनके लिए अलग कैडर बना दिया गया है।  अधिकारियों के मुताबिक, संविलियन आदेश एक से दो दिन में अलग से जारी किए जाएंगे। नए कैडर के साथ शिक्षकों को सातवां वेतनमान दिया जाएगा, इससे उनके वेतन में 4 से 10 हजार रुपए का फायदा होगा। संविलियन के बाद वरिष्ठ अध्यापक अब उच्चतर माध्यमिक शिक्षक, अध्यापक अब माध्यमिक शिक्षक और सहायक अध्यापक अब प्राथमिक शिक्षक कहलाएंगे। इसके अलावा सहायक अध्यापक (प्रयोगशाला) को प्रयोगशाला शिक्षक, सहायक अध्यापक (व्यायाम) को खेलकूद शिक्षक और सहायक अध्यापक (गायन/वादन) को गायद/वादन शिक्षक श्रेणी-अ बनाया जाएगा। अध्यापक फिलहाल पंचायत, नगरीय निकाय और आदिवासी विभाग के तहत आते हैं, अब वे स्कूल शिक्षा विभाग के तहत काम करेंगे।  गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अध्यापकों का शिक्षा विभाग में संविलियन शिक्षकों की नई भर्ती के लिए भी यह नियम लागू होंगे। शिक्षक पात्रता परीक्षा के तहत नई भर्ती होगी। एससी, एसटी, ओबीसी व दिव्यांगों को 50 प्रतिशत और अनारक्षित वर्ग के लोगों को परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक लाना होगा। इसके साथ ही नए संवर्ग में ई-अटेंडेस और ड्रेस कोड भी अनिवार्य कर दिए गए हैं। नया कैडर बनने से अध्यापक कभी भी शिक्षकों की बराबरी पर नहीं आ सकेंगे। अध्यापक संघों ने इस नियम को अध्यापकों के साथ धोखा बताया है। मप्र शासकीय अध्यापक संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक, नए कैडर पर अध्यापकों को जुलाई 2018 से नियुक्ति दी जाएगी। इससे 1998 में नियुक्त शिक्षाकर्मी से अध्यापक तक की सेवा अवधि शून्य हो जाएगी और प्रमोशन के लिए फिर से ग्रामीण क्षेत्रों में 3 साल सेवा देना जरूरी होगा।

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