भोपाल,भ्रष्टाचार के एक मामले में प्रबंधक के साथ उसकी पत्नी एवं भाई को भी न्यायालय ने सजा सुनाई है।आरोपितों को 75 हजार रुपए का अर्थदण्ड भी भुगतना होगा। सीबीआई विशेष अदालत ने इंडियन ऑयल कार्पोरेशन (आईओसीएल) के फाइनेंस मैनेजर को भ्रष्टाचार मामले में दोषी पाते हुए 5 साल कैद की सजा सुनाई है। मैनेजर की पत्नी और भाई को भी तीन-तीन साल कैद की सजा दी गई। यह फैसला कल विशेष न्यायाधीश रवीन्द्र कुमार भद्र सेन ने सुनाया। अभियोजन अनुसार घटना वर्ष 2004 से 2009 के बीच जयपुर स्थित आईओसीएल के कार्यालय में हुई थी। सीबीआई को मिली शिकायत में कहा गया था कि आईओसीएल कार्यालय में कुछ फर्जी कंपनियों के नाम पर कुल 14 लाख 68 हजार रुपए का भुगतान चेकों के माध्यम से किया गया है। जबकि कार्पोरेशन द्वारा इतनी राशि के चेक जारी ही नहीं किए गए हैं। मामले की जांच में सामने आया कि वर्ष 2004 से 2009 के बीच आईओसीएल कार्यालय में अनिल जोशी फायनेंस मैनेजर के पद पर पदस्थ था। जोशी को 6 लाख रुपए तक के भुगतान करने का अधिकार था। जोशी ने अपनी पत्नी सुनीता जोशी और भाई आलोक जोशी के साथ मिलकर फर्जी कंपनी बनाई थी। आरोपितों ने मिलकर कंपनी को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करीब 14 लाख 68 हजार रुपए भुगतान होना बताया। इसके बाद कंपनी खाते के फर्जी चेकों के माध्यम से आरोपित सुनीता जोशी और आलोक जोशी के खाते में भुगतान राशि डाल दी गई थी। इस तरह से भ्रष्ट प्रबंधक द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी पत्नी एवं भाई के साथ मिलकर भ्रष्टाचार की पूरी साजिश को अंजाम दिया गया।
पत्नी, भाई सहित भ्रष्ट प्रबंधक को सजा, 75 हजार का अर्थदंड भी लगा