वसुंधरा सरकार का फैसला, दो से ज्यादा बच्चों पर भी नहीं जाएगी नौकरी

जयपुर,राजस्थान की वसुंधरा सरकार ने चुनावी साल में सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। यह राहत उस कानून को लेकर है जिसमें दो से ज्यादा बच्चे होने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का प्रावधान था। सरकार अब यह प्रावधान हटाने जा रही है। इस संशोधन को कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी गई है। वसुंधरा राजे सरकार की कैबिनेट ने राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम-1996 की धारा 53 (ए) के अंतर्गत अनिवार्य सेवानिवृत्ति के प्रावधान को हटाने का फैसला किया है। इसके अंतर्गत 1 जून,2002 के बाद दो से ज्यादा बच्चे होने पर राज्य कर्मचारी को अनिवार्य रिटारयमेंट देने का प्रावधान था। किंतु यह कार्यवाही राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम-1971 की धारा 25 (सी) के साथ ही की जा सकती थी, जिस राज्य सरकार ने पहले ही 11 जून,2016 को हटा दिया था।
कैबिनेट की बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौर ने बताया कि युद्ध एवं मिशन में वीरगति को प्राप्त हुए भारतीय सेना के 8 जवानों के आश्रितों को आवासन मंडल की जयपुर स्थित आवासीय योजनाओं में एमआईजी (बी) श्रेणी के एक-एक आवास नि:शुल्क आवंटित करने का निर्णय किया गया। इसके अलावा,मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की मीटिंग में 13 निवेश प्रस्तावों सहित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। प्रदेश के औद्योगिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण करीब 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक के 13 निवेश प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। इसके 15 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। मंत्रिमंडल की बैठक में राजस्थान फसली ऋण माफी योजना, 2018 में शेष राशि की व्यवस्था के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से 5 हजार करोड़ रुपये का कर्ज प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार की गारंटी दिए जाने का निर्णय भी किया। किसानों की कर्जमाफी संबंधी मामलों की निगरानी के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव के नेतृत्व में नौ सदस्यीय एक कमिटी का गठन किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *