रायपुर,नक्सल प्रभावित राज्य छत्तीसगढ़ में महिला नक्सलियों की सक्रियता तेजी से बढ़ी है। यहां वर्ष-2018 में 61 नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे गए हैं। इसमें 21 महिला नक्सली भी शामिल हैं। एंटी नक्सल आपेरशन के डीआइजी पी सुंदरराज ने बताया कि महिला नक्सलियों में एरिया कमेटी मेंबर से लेकर एलओएस कमांडर शामिल हैं। इन नक्सलियों पर एक लाख से पांच लाख तक का इनाम घोषित था। सबसे ज्यादा महिला नक्सली बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में मारी गईं हैं। अबूझमाड में महिला नक्सलियों को कमांडर बनाकर पुलिस से मोर्चा लेने के लिए जंगलों में उतारा गया है। अधिकांश कमेटियों में आधी से ज्यादा महिला नक्सली सक्रिय हैं।
डीआइजी सुंदरराज ने बताया कि अभी नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी मेंबर रहे किशन जी और गणपति की पत्नी भी बस्तर के जंगलों में सक्रिय हैं। किशनजी की पत्नी सुजाता और गणपति की पत्नी सावित्री बस्तर में नक्सलियों की मिलिट्री बटालियन को लीड कर रही हैं। कई मुठभेड़ में सुजाता और सावित्री का नाम सामने आया है। दोनों पर पांच लाख रुपये का इनाम भी है। बताया जाता है कि नक्सलियों की कमेटी में प्रवक्ता नीति भी बस्तर में ही मोर्चा संभाल रही है। इसके सुकमा में होने की सूचना इंटेलिजेंस के पास है। एंटी नक्सल आपरेशन के आला अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने महिला कमांडों को अपने सबसे सेफ जोन अबूझमाड़ की कमान सौंपी है। यहां पुलिसबल को नक्सलियों से कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ रहा है। एंटी नक्सल ऑपेरशन के आला अधिकारियों ने बताया कि वर्ष-2017 में नक्सलियों को सबसे ज्यादा नुकसान का सामना करना पड़ा। आपरेशन प्रहार में कई बड़े नक्सलियों को मार गिराने में फोर्स को सफलता मिली है।
इस साल में अब तक 71 नक्सलियों को अलग-अलग मुठभेड़ों में फोर्स ने मार गिराया है। आंकड़ों को देंखे तो देश के नौ नक्सल प्रभावित राज्यों में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा है। वर्ष-2016 में भी छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में 133 नक्सली मारे गए थे। नक्सली भी यह स्वीकार कर चुके हैं कि उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान छत्तीसगढ़ में हुआ है। दिसंबर 2017 में नक्सलियों की तरफ से आए लिखित बयान में स्वीकार किया गया कि देशभर में उनके 140 साथी मारे गए। इसमें 98 नक्सली छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में मारे गए थे।
अब तक 21 नक्सली महिलाओं को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में मार गिराया