सैफुद्दीन सोज की टिप्पणी कांग्रेस लिए बनी गले की हड्डी

नई दिल्ली,कश्मीर पर सैफुद्दीन सोज का बयान कांग्रेस के लिए गले की हड्डी बन गया है। वैसे भी वह अपने नेताओं के हालिया बयानों को लेकर घिरी हुई है। जम्मू-कश्मीर के संबंध में पार्टी नेता सैफुद्दीन सोज और गुलाम नबी आजाद के बयान इन दिनों चर्चा में हैं। अपने विवादित बयान के बाद सोज ने कश्मीर में शांति लाने के लिए केंद्र सरकार से हुर्रियत अलगाववादियों से बात करने कर मांग की है, जबकि इससे पहले उन्होंने कहा था कि मुशर्रफ सही थे कि अगर चुनने का मौका मिले तो कश्मीरी आजादी चुनेंगे।
कांग्रेस पार्टी ने सोज के बयानों से फिलहाल किनारा कर लिया है। कहा जा रहा है कि पार्टी सोज के खिलाफ अनुशसनात्मक कार्रवाई कर सकती है। इसके अलावा राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के उस बयान के बाद भी पार्टी को असहजता का सामना करना पड़ा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि आर्मी ऑपरेशन में आतंकियों से ज्यादा आम नागरिक मारे जाते हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व को भी आजाद और सोज के बयान पसंद नहीं आए हैं। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जम्मू-कश्मीर नीति के मामले में केंद्र सरकार विफल रही है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी इस मोर्चे पर एनडीए को घेरने की तैयारी कर रही है। लेकिन इस तरह के विवादित बयानों की वजह से इस मुद्दे पर पार्टी को बैकफुट पर आना पड़ सकता है। इसी चिंता के चलते कांग्रेस ने सोज के बयान से किनारा कर लिया और आजाद के बयान पर टिप्पणी करने से बची।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि सोज से उनके बयान को लेकर सफाई मांगी जा सकती है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी सीनियर नेता अंबिका सोनी ने सोज से बात की है। सोज ने सोनी से कहा है कि वह जो कुछ कह रहे हैं, वह उनका व्यक्तिगत बयान है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि अगर पार्टी इन बयानों पर सोज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करती है तो घाटी में उसके काम पर असर पड़ेगा। इसी बीच आजाद अपने बयान पर सफाई पेश कर सकते हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आजाद अपने परिवार के साथ देश से बाहर गए हैं, उनके वापस आने के बाद उनसे इस मामले पर सफाई देने के लिए कहा जा सकता है। बता दें कि बीते दिनों अपने बयान के लिए पूर्व कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर को पार्टी से निकाल दिया गया था। इस कार्रवाई के बाद पार्टी में गलत बयानबाजी करने से बचने की हिदायत दी गई थी, जिसका काफी असर भी देखने को मिला था। अब सोज जैसे नेताओं पर कार्रवाई कर कांग्रेस फिर से पार्टी में संदेश देना चाहती है।

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