भोपाल,मध्य प्रदेश सरकार ने 2018 के विधानसभा चुनाव को जीतने और भाजपा कार्यकर्ताओं को सरकार से जोड़कर एक नया तरीका ईजाद किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर जन कल्याण योजनाओं की निगरानी के लिए 23 हजार ग्राम पंचायतों तथा नगरीय वार्ड में सुपरवाइजर की नियुक्ति जिले के प्रभारी मंत्री करेंगे। यह सुपरवाइजर सीधे मुख्यमंत्री को रिपोर्ट कर सकेंगे।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना के माध्यम से सभी योजनाओं जिसमें गरीबों के लिए आवास, लाड़ली लक्ष्मी योजना, महिलाओं से जुड़ी सभी योजनाएं, गरीबों को घर बनाने के लिए जमीन देने, बच्चों की पढ़ाई और स्कॉलरशिप, मजदूरी और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्था की देखरेख करने का जिम्मा इन सुपरवाइजरों का होगा।
ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर यह सुपरवाइजर घर-घर जाएंगे। लोगों से उनकी समस्याओं तथा योजनाओं के बारे में जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों को उसके बारे में जानकारी देंगे। सरकारी विभागों द्वारा सुपरवाइजर की अनुशंसा पर यदि कार्यवाही नहीं की, तो मुख्यमंत्री द्वारा सीधे संबंधित अधिकारियों पर कार्यवाही की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा के सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश जारी किया गया है कि वह भाजपा कार्यकर्ताओं की सूची तैयार करें। नगरीय क्षेत्रों में प्रत्येक वार्ड स्तर पर तथा जिले की सभी ग्राम पंचायतों में एक-एक कार्यकर्ता के नियुक्ति की अनुशंसा प्रभारी मंत्री को करें। प्रभारी मंत्री के आदेश से सुपरवाइजर नियुक्त होंगे।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जन कल्याण समितियों के माध्यम से पंचायत और वार्ड स्तर पर पांच पांच लोगों की नियुक्तियां की जाएगी। इन समितियों में एक महिला, एक एससी एसटी वर्ग से, तथा तीन सामान्य वर्ग से समिति में लोगों को नियुक्त किया जाएगा। अभी इस यह स्पष्ट नहीं है की सरकार से इन्हें पारिश्रमिक दिया जाएगा अथवा समितियां बनाकर इन्हें सरकारी सिस्टम से जोड़ने की कवायद भर होगी। बहरहाल जो भी है, चुनाव के पूर्व इतने बड़े पैमाने पर नियुक्तियां करना चुनाव को जीतने की सरकार की कवायद मानी जा रही है।
भाजपा के 115000 कार्यकर्ताओं को मिलेगी सुपरवाइजर के रूप में नियुक्ति