मुंबई,देश में कॉलेजियम को लेकर न्यायपालिका और सरकार के बीच भले ही मनमुटाव चल रहा हो। लेकिन, बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस शाहरुख जे कथावाला ने मिसाल पेश की है। वे शुक्रवार को सामान्य समय से अगले दिन तड़के 3:30 बजे तक मामलों की सुनवाई करते रहे।
न्यायमूर्ति कथावाला इसी कोशिश में लगे रहे कि 5 मई से कोर्ट में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो रही हैं तो महत्वपूर्ण और ज्यादा से ज्यादा मामलों का निपटारा कर दिया जाए। वहीं, अन्य सभी जज शाम 5:00 बजे ही घरों को लौट गए।
न्यायमूर्ति कथावाला ने इस दौरान कई मामलों की सुनवाई के साथ-साथ याचिकाओं पर जरूरी निर्देश भी दिए। कोर्ट रूम भी देर रात तक खचाखच भरा हुआ था। इस दौरान करीब 100 याचिकाएं थीं। उन्होंने कई मामलों पर आदेश भी दिए और कई पर निर्देश भी जारी किए। दो सप्ताह पहले भी जस्टिस कथावाला अपने चेंबर में देर रात तक मामलों को सुनते रहे थे।
सुबह भी पहुंचते हैं सबसे पहले
न्यायमूर्ति कथावाला आमतौर पर सामान्य समय से एक घंटा पहले अदालती कार्रवाई शुरू कर देते हैं। कई बार 5:00 बजे के बाद भी मामलों की सुनवाई करते रहते हैं। उन्हीं के स्टाफ के एक सदस्य का कहना है कि वे अपने काम को कितना ही देर तक करें। लेकिन, अगली सुबह समय से पहले पहुंच जाते हैं। देर तक सुनवाई के बावजूद वे हमेशा तरोताजा ही दिखाई देते हैं।
बॉम्बे हाई कोर्ट के जज कथावाला सारी रात करते रहे सुनवाई