भोपाल, वाणिज्य कर के मनोरंजन टैक्स वसूली के अधिकार समाप्त हो जाने के बाद अब प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकाय मनोरंजन कर की वसूली करेंगे। विधानसभा के दौरान इस संबंध में विधेयक पारित नहीं हो पाने के कारण राज्य सरकार ने इसे मध्यप्रदेश नगर पालिक विधि द्वितीय संशोधन अध्यादेश के जरिए लागू कर दिया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद इसके नियम बनाए जा रहे है जो सोमवार तक जारी कर दिए जाएंगे। नियम लागू होने के बा दूरसंचार सेवाओं के जरिए रिंगटोन, ऑडियो, वीडियो, जोक्स, भविष्य बताने और दोस्त बनाकर चैट करने की सुविधा देनी वाली कंपनियों से भी अब नगरीय निकाय मनोरंजन कर की वसूली करेंगे। मनोरंजन कर बीस फीसदी से अधिक नहीं होगा। अध्यादेश के जरिए प्रदेश में सभी प्रकार के ऐसे संसाधन जिनसे आमजन का मनोरंजन होता है और बदले में कोई प्रतिफल प्राप्त किया जाता है तो उस पर शहरी क्षेत्रों में नगर निगम, नगरपालिका और नगर परिषद मनोरंजन कर की वसूली करेंगी। निकायों को यह अधिकार भी होगा कि वे किसी फिल्म, सर्कस, जादूगर के शो, कठपुतली शो को मनोरंजन कर से छूट दे सकेंगे।
इंदौर में आईपीएल क्रिकेट मैच से राज्य सरकार को करोड़ों रुपए के मनोरंजन कर की वसूली होने की उम्मीद है इसलिए इसे इतनी जल्दी अध्यादेश के जरिए लागू किया गया। मनोविनोद पार्क, मनोविनोद आर्केड, प्रदर्शनी, प्रस्तुतिकरण, मनोविनोद, खेल जिसमें पास के जरिए प्रवेश दिया जाता है। डीटीएच सेवा प्रदाता द्वारा सेटेलाइट के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे मनोरंजन, केबल ऑपरेटर द्वारा केबल सेवा के जरिए दिया जाने वाला मनोरंजन, दूरसंचार सेवा प्रदाता द्वारा दूर संचार सेवाओं के माध्यम से आयोजित प्रतियोगिताएं, दूरसंचार सेवा के जरिए दी जाने वाली रिंगटोन, संगीत, वीडियो, चलचित्र, एनीमेशन, खेल, जोक्स भी इस दायरे में आएंगे। किसी अन्य तकनीक से या उपकरण के जरिए उपलब्ध कराया गया मनोरंजन भी इस दायरे में आएगा।
मनोरंजन कर की वसूली करेंगे नगरीय निकाय,शीघ्र जारी होंगे नियम