भोपाल,पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता में वापसी चाहते हैं। इसके लिए आगामी विधानसभा चुनाव में छिंदवाड़ा पैटर्न को पूरे प्रदेश में लागू करना चाहते हैं। खुद कमलनाथ ने गत दिनों प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक में यह इच्छा जताई थी कि छिंदवाड़ा के पैटर्न को पूरे मध्यप्रदेश में लागू करना चाहते हैं ताकि ब्लॉक और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर आम जनता से जुड़ा जाए। हालांकि कमलनाथ ने यह भी कहा था कि समय कम है और इतनी जल्दी छिंदवाड़ा पैटर्न को पूरे मध्यप्रदेश में लागू कर पाना संभव नहीं है, लेकिन फिर भी इस दिशा में एक्शन प्लान बनाकर काम किया जाएगा। छह मई को कमलनाथ एक बार फिर भोपाल आ रहे हैं। उन्होंने पूरे प्रदेश के जिला, शहर अध्यक्ष के अलावा ब्लॉक अध्यक्षों को भी एक महत्वपूर्ण बैठक में बुलाया है। समझा जा रहा है कि इस बैठक में भी छिंदवाड़ा के पैटर्न को प्रजेंटेशन के रूप में समझाते हुए कार्यकर्ताओं को मजबूती के साथ एकजुट होकर विधानसभा में जुट जाने की टिप्स दी जाएगी। कमलनाथ के आगामी दो दिवसीय दौरे को लेकर तैयारियों का सिलसिला शुरू हो गया है। कमलनाथ अपने प्रवास के दौरान कांग्रेस नेता-कार्यकर्ताओं के अलावा मीडिया से भी रूबरू होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के निर्देश पर मध्यप्रदेश में प्रवक्ताओं की नियुक्ति के लिए किए गए टैलेंट सर्च में चुने गए सभी साठ प्रवक्ता और मीडिया पैनलिस्ट को जल्द ही जिम्मेदारी मिल जाएगी। इधर नाथ की टीम में शामिल हुए पांच पदाधिकारियों में से चार को चैंबर की तलाश हैं। मीडिया कमेटी के चेयरमैन माणक अग्रवाल को चैंबर मिल गया है। वे पहले जिस चैंबर में बैठते थे उसी में वे फिर से बैठने लगे हैं। वहीं उपाध्यक्ष चंद्र प्रभाष शेखर, महामंत्री राजीव सिंह और कोषाध्यक्ष गोविंद गोयल को भी अभी चैंबर नहीं मिला है। संभवत: ये दोनों पदाधिकारी तीसरी मंजिल पर बैठेंगे। वहीं प्रदेश अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा नीचे की मंजिल पर चैंबर ले सकते हैं। इसके बाद सभी पदाधिकारी अपनी-अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करेंगे।
कमलनाथ पूरे प्रदेश में छिंदवाड़ा पैटर्न लागू करना चाहते हैं,ताकि सत्ता में लौट सके कांग्रेस