दुष्कर्म के बाद नाबालिग को जिन्दा जलाने के मामले में 14 गिरफ्तार

रांची,झारखंड के चतरा जिले के ईटखोरी थाना क्षेत्र के राजा केंदुआ गांव में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसे जिन्दा जला देने की घटना से सभी सदमे में है, वहीं पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग की अस्मत-आबरु की कीमत लगाने की आरोपी मुखिया समेत 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि अब भी भी कई नामजद आरोपी फरार है। पुलिस मामले में पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी अभियान चला रही है।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने घटना की निन्दा करते हुए मामले में कडी कार्रवाई के आदेश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सभ्य समाज में ऐसी घटना करने वाले दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। अपर पुलिस महानिदेक आर.के. मल्लिक ने बताया कि घटना स्थल पर पुलिस मुख्यालय से पुलिस महानिरीक्षक सीआइडी और फारेंसिक टीम को भेजा गया है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है, उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें बनाकर छापेमारी हो रही है। पीड़िता के परिजनों की ओर से इस मामले में 12 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है।
जिले के उपायुक्त जीतेंद्र कुमार सिंह ने कहा है कि सरेआम पंचायत लगाकर नाबालिग के अस्मत व आबरु की कीमत लगाने वाले पंचायत प्रतिनिधियों और संदिग्धों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नाबालिग के अस्मत की कीमत लगाकर पंचायत ने गैर जिम्मेदाराना निर्णय सुनाया था। ऐसे निर्णय से समाज मे अपराध को बढ़ावा मिलने के साथ- साथ अपराधियों को भी संरक्षण मिलेगा। उन्होंने कहा कि पंचायत मे लिए गए निर्णय की भी जांच की जा रही है, परिजनों का आरोप सत्य पाया गया तो हरहाल मे पंचायत मे शामिल सभी पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों के साथ-साथ संदिग्धों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इधर, शनिवार सुबह बोकारो प्रक्षेत्र के आईजी पीड़िता के गांव पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। वहीं जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक समेत अन्य वरीय अधिकारी लगातार मौके पर कैंप कर रहे है।
गौरतलब है कि ईटखोरी थाना क्षेत्र के राजा केंदुआ गांव में गांव के ही चार दंबग युवकों ने एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसे जिन्दा जला दिया। बताया गया है कि मासूम बच्ची की अस्मत लूटने के बाद शुक्रवार को पंचायत बुलायी गयी, इस पंचायत में गांव की मुखिया तिलेश्वरी देवी व पंचायत समिति सदस्य रंजय रजक समेत कई ग्रामीण मौजूद थे। पंचायत ने आरोपों को सही मानते हुए आरोपी को पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपए हर्जाना और एक सौ बार उठक-बैठक करने का सजा सुनाया। जिसके बाद खुद को अपमानित महसूस करते हुए आरोपी ने तो पहले पंचायत का निर्णय मानने से इनकार कर दिया। बाद में अपने तीन अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर पीड़िता के घर मे घुसकर उसे जलाकर मौत के घाट उतार दिया और परिजनों की जमकर पिटाई कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए । पीड़िता के परिजनों का कहना है कि पिटाई के वक्त मुखिया व अन्य निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि मूकदर्शक बने रहे।
पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर लगातार छापेमारी अभियान चला रही है।
उपायुक्त जीतकेंद्र कुमार सिंह मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीडिता के परिवार को एक लाख रुपये की तत्काल सहायता प्रदान की । साथ ही अंत्येष्टि के लिए अलग से मदद एवं अनाज उपलब्ध कराया। घटना के दूसरे दिन भी पुलिस अधीक्षक समेत अन्य वरीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगाःसीएम
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 16 वर्षीया नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद जिंदा जलाए जाने की घटना पर गहरा क्षोभ प्रकट करते हुए कहा कि हृदयविदारक घटना से वे काफी आहत है।उन्होंने कहा कि सभ्य समाज में इस तरह की बर्बरता का कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को तत्परता दिखाते हुए दोषियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाल में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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