वाह एमपी पुलिस, 20 दिन थाने के चक्कर,सीएम हेल्पलाइन में शिकायत फिर लिखी दरोगा की रिपोर्ट

भोपाल,एटीएम बदलकर हजारों रुपए की धोखाधडी का शिकार हुए एक दरोगा को रिपोर्ट लिखवाने के लिए सीएम हेल्पलाइन की मदद लेनी पडी। तब कही जाकर एफआईआर दर्ज की गई। धोखाधडी का शिकार दरोगा बीस दिन तक थाने के चक्कर लगाता रहा लेकिन उसकी एक नहीं सुनी गई।इस घटना से अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम लोगों के साथ पुलिस का रवैया कैसा रहता होगा। अज्ञात आरोपी ने एटीएम बदलकर दरोगा के खाते से करीब 90 हजार रुपए निकाल लिए। लेकिन टीआई से लेकर किसी ने उसकी नहीं सुनी। तंग आकर उसने सीएम हेल्प लाइन की मदद ली। तब जाकर अशोका गार्डन पुलिस की नींद टूटी और दरोगा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस आम आदमी से कैसे व्यवहार करती होगी। अशोका गार्डन थाने के एएसआई मनोज यादव के अनुसार सुभाष नगर ऐशबाग में रहने वाले 59 वर्षीय रामभरोसे गुर्जर पिता शिवप्रसाद गुर्जर एएसआई (सहायक उपनिरीक्षक) हैं। इस समय उनकी तैनाती बजरिया थाने में है। 20 जनवरी की शाम करीब छह बजे वह अपने दांत का इलाज कराने के बाद घर लौट रहे थे। रुपयों की जरूरत होने पर उन्होंने आटो स्टैंड अशोका गार्डन स्थित एटीएम पर बाइक रोकी और रुपए निकालने के एटीएम बूथ पर पहुंच गए।
तीन-चार बार कार्ड डालने के बाद भी प्रोसेस नहीं हो रहा था। इसी बीच एटीएम पर मौजूद एक युवक उनको चचा बोलकर मदद करने लगा। उन्होंने अपना एटीएम उसे दे दिया। उनके सामने ही युवक ने एटीएम स्वैप किया और उन्हें वापस कर दिया। इसके बाद गुर्जर ने अपना पिनकोड डाला और चार हजार रुपए निकालकर घर चले गए। कुछ देर बाद ही एएसआई के मोबाइल फोन पर दनादन एसबीआई के मैसेज आना शुरू हुए । उन्हें अकांउट से दस-दस हजार के तीन, फिर तीन हजार एक और छह हजार एक बार निकलने की जानकारी मिली थी। उसके बाद उनके खाते से 39 हजार 500 स्र्पए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। उसके ऑनलाइन शॉपिंग कर साढ़े चार हजार की घड़ी खरीदी गई। वह तत्काल समझ गए और एसबीआई के टोल फ्री नंबर पर कॉल कर एटीएम को ब्लॉक करवाया। पीड़ित एएसआई रामभरोसे गुर्जर ने बताया कि उनके खाते में डेढ़ लाख स्र्पए थे। उसमें से 90 हजार रुपए निकलने के बाद अशोका गार्डन थाने में एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उसको सायबर सेल थाने जाने की सलाह दी। वह 21 जनवरी को सायबर सेल थाने पहुंचे तो घटनाक्रम सुनने के बाद उनको अशोक गार्डन घटनास्थल होने के कारण वापस वहीं भेजा। इसके बाद अशोका गार्डन थाने वाले लगातार टरकाते रहे हैं। वे लगातार थाने के चक्कर लगाते रहे। उनकी शिकायत न टीआई ने सुनी न किसी पुलिस कर्मी ने। तंग आकर इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर की, तब जाकर अशोक गार्डन पुलिस एफआईआर दर्ज करने को राजी हुई।

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